DK Shivakumar First Moves: कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के तुरंत बाद डीके शिवकुमार ने राज्य की राजधानी बेंगलुरु की कायापलट करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शहर की बदहाल सड़कें, गड्ढे और ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने अपने पहले ही फैसले में 2,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। आईटी हब के रूप में विख्यात बेंगलुरु की वैश्विक छवि सुधारने के लिए आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) को प्राथमिकता देना सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
अनधिकृत मकानों के लिए नई योजना
बताते चले कि, मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में बिना योजना के बने और नियमों का उल्लंघन करने वाले मकानों को नियमित करने के लिए नई नीति लाने का निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट के बिजली-पानी कनेक्शन काटने के निर्देश के बाद जनता को होने वाली परेशानी को देखते हुए, सरकार ‘वन टाइम सेटलमेंट’ योजना ला रही है। विशेष रूप से 2,500 वर्ग फुट तक की संपत्तियों और 30-40 साइटों के लिए कंप्लीशन तथा ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (CC/OC) जारी करने का फैसला लिया गया है, जिससे हजारों घर मालिकों को कानूनी राहत मिलेगी।
युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास का मास्टर प्लान
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए डीके शिवकुमार ने 50,000 सरकारी पदों को भरने और नौकरी का कैलेंडर जारी करने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘निजी रोजगार विनिमय’ कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। सरकार युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षित करेगी और कर्नाटक के स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, विद्यार्थियों के लिए मुफ्त बस पास की सुविधा भी शुरू की गई है।
‘भारत जोड़ो युवक संघ’ के गठन की घोषणा
मुख्यमंत्री ने अपनी सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक ‘भारत जोड़ो युवक संघ’ के गठन की घोषणा की है। राज्य भर में ऐसे 10,000 युवा क्लब खोले जाएंगे, जिन्हें सरकार द्वारा 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इन संघों का उद्देश्य युवाओं को खेल, संस्कृति और राज्य के गौरवशाली इतिहास से जोड़ना है, ताकि उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके और वे समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
शपथ ग्रहण और प्रशासनिक फेरबदल
तीन जून को डीके शिवकुमार ने 13 मंत्रियों के साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस मंत्रिपरिषद में पूर्व सीएम सिद्धारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर भी शामिल हैं। लंबे समय तक चली राजनीतिक खींचतान के बाद 28 मई को सिद्धारमैया के इस्तीफे के साथ सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हुई। अब नई सरकार पूरी सक्रियता के साथ अपने वादों को धरातल पर उतारने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने में जुटी है।










