
Diwali 2026: दीपावली और धनतेरस के पावन पर्व पर मां लक्ष्मी के मंदिरों में दर्शन व पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सनातन परंपरा में मां महालक्ष्मी को धन, सुख और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी कहा गया है। हमारे देश में मां लक्ष्मी के कई ऐसे प्राचीन और सिद्ध मंदिर हैं, जिनकी अनोखी मान्यताएं और भव्यता देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं भारत के इन 6 प्रमुख महालक्ष्मी मंदिरों के बारे में, जहां दिवाली के अवसर पर दर्शन करने से किस्मत जगमगा उठती है:
महालक्ष्मी मंदिर, रतलाम (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के माणक चौक में स्थित यह महालक्ष्मी मंदिर दिवाली और धनतेरस पर पूरे देश में चर्चा का विषय रहता है। दिवाली के अवसर पर इस मंदिर को भक्तों द्वारा लाए गए सोने-चांदी के आभूषणों और करोड़ों रुपये के नोटों से सजाया जाता है। धनतेरस से लेकर दिवाली तक यहाँ कुबेर दरबार सजता है और भक्तों को प्रसाद के रूप में शुभ सिक्का व आभूषण प्रदान किए जाते हैं।
महालक्ष्मी मंदिर, इंदौर (मध्य प्रदेश)
इंदौर का प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर मराठा कालीन स्थापत्य कला की एक सुंदर मिसाल है। इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण वर्ष 1832 में होल्कर राजवंश के राजा मल्हारराव (द्वितीय) ने करवाया था। धनतेरस और दिवाली के दौरान यहाँ विशेष महापूजा और श्रृंगार का आयोजन होता है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं।
महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई (महाराष्ट्र)

मुंबई के भुलाभाई देसाई मार्ग पर अरब सागर के तट के समीप स्थित महालक्ष्मी मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। इस मंदिर के गर्भगृह में मां महालक्ष्मी के साथ मां महाकाली और मां महासरस्वती की भव्य प्रतिमाएं एक साथ विराजमान हैं। त्योहारों के समय समुद्र किनारे स्थित इस मंदिर का वातावरण अत्यंत दिव्य और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।
महालक्ष्मी अंबाबाई मंदिर, कोल्हापुर (महाराष्ट्र)
महाराष्ट्र का कोल्हापुर स्थित यह मंदिर मां जगदम्बा के 51 प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यहाँ मां महालक्ष्मी को स्थानीय लोग प्रेम से ‘अंबाबाई’ कहते हैं। काले पत्थरों से बनी मां की चतुर्भुज प्रतिमा और मंदिर की अद्भुत नक्काशी दर्शनीय है। ऐसी मान्यता है कि दिवाली पर यहाँ दर्शन करने से जीवन के सभी दुख-दरिद्र दूर हो जाते हैं।
अष्टलक्ष्मी मंदिर, चेन्नई (तमिलनाडु)
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में बेसेन्ट नगर (बिसेंट नगर) समुद्र तट के पास बना अष्टलक्ष्मी मंदिर वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। इस मंदिर में मां लक्ष्मी के आठों रूपों (आदि लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, धैर्य लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी और विद्या लक्ष्मी) की पूजा की जाती है। दिवाली के समय यहाँ माता के आठों स्वरूपों के एक साथ दर्शन करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।
श्री लक्ष्मी नारायणी गोल्डन टेंपल, श्रीपुरम (तमिलनाडु)

तमिलनाडु के वेल्लोर के समीप श्रीपुरम में स्थित यह मंदिर ‘गोल्डन टेंपल’ के नाम से पूरे विश्व में विख्यात है। यह भव्य मंदिर मां लक्ष्मी के ‘श्री लक्ष्मी नारायणी’ स्वरूप को समर्पित है। मंदिर के मुख्य शिखर और संरचना पर कई किलो शुद्ध सोने की परत (Gold Foil) चढ़ाई गई है। दिवाली के पावन अवसर पर लाइट्स की रोशनी में इस सुनहरे मंदिर की चमक देखते ही बनती है।
Health Tips: दिल से लेकर त्वचा तक बादाम के फायदे, जानिए रोज खाने का सही











