Dimple Yadav: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे ‘जेन-जी’ (Gen-Z) छात्र आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा की गई एक विवादास्पद टिप्पणी पर सियासी घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कंगना द्वारा युवा पीढ़ी को कथित तौर पर “गटर जनरेशन” कहे जाने के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस तीखे बयान पर अब समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने भी कड़ी आपत्ति जताई है और कंगना रनौत पर जमकर निशाना साधा है।
“फिल्म इंडस्ट्री से ताल्लुक रखने वाली सांसद का ऐसा बयान बेहद दुखद”
मैनपुरी से लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कंगना रनौत के इस बयान को बेहद असंवेदनशील और निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुख की बात है कि ऐसा आपत्तिजनक बयान एक ऐसी महिला सांसद की तरफ से आया है जो खुद फिल्म इंडस्ट्री से ताल्लुक रखती हैं और जिन्होंने अपने अभिनय करियर में काफी अच्छा काम किया है।
डिंपल यादव ने आगे दो-ूक शब्दों में कहा, “हम इस तरह के बेहद असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना बयानों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। सार्वजनिक जीवन में बैठे प्रतिनिधियों को अपनी भाषा और गरिमा का पूरा ख्याल रखना चाहिए।” बता दें कि कंगना के इस बयान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास समेत कई अन्य राजनीतिक हस्तियों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, चौतरफा आलोचना के बावजूद अभी तक कंगना रनौत की तरफ से इस बयान पर कोई खेद या अफसोस जताया नहीं गया है, जिससे यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ सकता है।
पीएम मोदी पर की गई टिप्पणियों से बेहद खफा हैं कंगना
दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और आंदोलनकारियों द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणियों से कंगना रनौत बेहद गुस्से में नजर आ रही हैं। इस पूरे विवाद पर अपनी सफाई और नाराजगी जाहिर करते हुए कंगना ने कहा था कि हमारे 75 साल के देश के प्रधानमंत्री को खुलेआम निशाना बनाया गया और उनकी दिवंगत मां के लिए बेहद भद्दी व अमर्यादित गालियों का इस्तेमाल किया गया।
कंगना ने आंदोलनकारी छात्रों के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए कहा, “हमने भी अपने शुरुआती दौर में कई छात्र आंदोलनों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है। लेकिन आज के ये छात्र किस तरह के हैं और ये किस स्तर की अश्लील और घटिया भाषा का खुलेआम इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या ये वाकई छात्र लगते हैं?”
“कानूनी खर्च और माता-पिता के संघर्ष पर कंगना का बड़ा सवाल”
छात्रों के इस प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए कंगना रनौत ने आगे कहा था कि अगर भविष्य में इन प्रदर्शनकारी युवाओं को देश के सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकीलों की मदद या किसी भी प्रकार की कानूनी सलाह की जरूरत आन पड़ी, तो क्या इनके माता-पिता उस महंगे वकीलों के खर्च को उठाने में सक्षम हैं?
उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि ऐसे लोगों के पास खुद कानूनी लड़ाई लड़ने के साधन नहीं होते हैं। उन्होंने अपने संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने मात्र सोलह साल की उम्र से ही अपना करियर खुद बनाना शुरू कर दिया था और वे कभी भी अपने माता-पिता पर आर्थिक बोझ नहीं बनीं। कंगना के अनुसार, एक सभ्य समाज के तौर पर युवाओं द्वारा इस तरह की भाषा और हरकतें बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं। इस पूरे प्रकरण के बाद से राजनीतिक गलियारों में पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग लगातार तेज हो गई है।
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