Iran America War: LPG की किल्लत पर डिंपल यादव का सरकार पर प्रहार, ईरान से रिश्तों पर उठाए सवाल

मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने देश में गहराते एलपीजी संकट के लिए केंद्र सरकार की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ईरान जैसे पुराने मित्र की अनदेखी के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे जनता को महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। डिंपल ने महिला आरक्षण और पश्चिम एशिया युद्ध पर भी सरकार से स्पष्ट एजेंडा मांगा है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 25, 2026

Iran America War: मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने देश में व्याप्त रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में सरकार की विफलता का खामियाजा अब देश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

ईरान के साथ पुराने संबंधों की अनदेखी

डिंपल यादव ने मीडिया से संवाद करते हुए कहा कि ईरान कई दशकों से भारत का एक विश्वसनीय मित्र राष्ट्र रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने संकट के समय ईरान का साथ देने के बजाय अपना रुख स्पष्ट नहीं किया, जिसके कारण दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सांसद के अनुसार, इसी कूटनीतिक अस्थिरता की वजह से भारत में एलपीजी (LPG) की आपूर्ति बाधित हो रही है। आज स्थिति यह है कि एक महीने पहले बुकिंग कराने के बावजूद लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।

पश्चिम एशिया युद्ध संकट

डिंपल यादव का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्यसभा में व्यक्त की गई चिंताओं के ठीक एक दिन बाद आया है। पीएम मोदी ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। युद्ध के कारण न केवल तेल और गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, बल्कि प्रमुख व्यापारिक समुद्री रास्ते भी असुरक्षित हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में इस संकट को लेकर देश को संबोधित किया है, जिसे विपक्ष सरकार की पूर्व तैयारी की कमी मान रहा है।

विपक्षी दलों की एकजुटता

डिंपल यादव ने आगामी सर्वदलीय बैठक को लेकर भी अपनी रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल सरकार से यह जानना चाहते हैं कि आखिर उनकी भविष्य की योजना क्या है? उन्होंने विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा की मांग करते हुए कहा कि जब तक सरकार अपना एजेंडा स्पष्ट नहीं करेगी, तब तक विपक्ष अपनी ठोस राय नहीं दे पाएगा। सपा सांसद ने कटाक्ष किया कि सरकार महंगाई और जनता की समस्याओं को स्वीकार करने तक के लिए तैयार नहीं है।

केंद्र की मंशा पर डिंपल यादव की प्रतिक्रिया

महिला आरक्षण के मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए डिंपल ने कहा कि सपा समेत सभी विपक्षी दल इस पर चर्चा के इच्छुक हैं, लेकिन सरकार की नीयत साफ नहीं दिखती। उन्होंने मांग की कि सरकार को सदन पटल पर अपनी मंशा स्पष्ट करनी चाहिए। डिंपल यादव ने पहले भी केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकार की विदेश नीति अमेरिकी प्रभाव में दबी हुई महसूस होती है, जिससे भारत के पुराने सहयोगियों के साथ रिश्ते कमजोर हो रहे हैं।

वैश्विक युद्ध के बीच भारत का कूटनीतिक स्टैंड

एक ओर जहाँ विपक्ष घेराबंदी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर 24 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा से वैश्विक शांति का आह्वान किया। भारत ने स्पष्ट किया कि कूटनीति और संवाद ही युद्ध का स्थायी समाधान हैं। सरकार का दावा है कि वे युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, डिंपल यादव का तर्क है कि शांति के संदेशों के बीच सरकार को घरेलू ऊर्जा सुरक्षा और रसोई गैस की किल्लत जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी जवाब देना होगा।