Health Tips: डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से आगे, ये कारण भी कर रहे हैं किडनी स्ट्रेस

किडनी की बीमारी सिर्फ डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर तक सीमित नहीं। मोटापा, धूम्रपान, दर्दनाशक दवाएं और कुछ सप्लीमेंट्स भी धीरे-धीरे किडनी को डैमेज कर रहे हैं। जानें कौन-सी आदतें silently कर रही हैं किडनी स्ट्रेस और कैसे बचाव किया जा सकता है।

ये कारण भी कर रहे हैं किडनी स्ट्रेस

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मार्च 1, 2026

Health Tips: आधुनिक जीवनशैली में किडनी की बीमारियाँ एक गंभीर वैश्विक संकट बनती जा रही हैं। वर्तमान आँकड़ों के अनुसार, दुनिया की लगभग 10% आबादी किसी न किसी रूप में किडनी की समस्या से जूझ रही है। अक्सर हम यह मान लेते हैं कि अगर हमें Diabetes या High BP नहीं है, तो हमारी किडनी सुरक्षित है। लेकिन हकीकत इसके उलट है। कई ऐसी आदतें और कारक हैं जो चुपचाप आपकी किडनी को खोखला कर रहे हैं।

Health Tips: गलती से भी एक बार में न पिए इतनी बीयर, सेहत के लिए जानलेवा!

मोटापे का बढ़ता बोझ और किडनी स्ट्रेस

मोटापा केवल हृदय रोग या शुगर का ही जनक नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। जब शरीर का वजन बढ़ता है, तो मेटाबॉलिक डिमांड को पूरा करने के लिए किडनी को सामान्य से अधिक रक्त फिल्टर करना पड़ता है। इस अतिरिक्त दबाव के कारण किडनी के ऊतकों में ‘स्कारिंग’ (Tissues Damage) होने लगती है।

धुआं जो फिल्टर को कर रहा है खराब

धूम्रपान का असर सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता। सिगरेट में मौजूद निकोटिन और टॉक्सिन्स रक्त धमनियों को सिकोड़ देते हैं, जिससे किडनी तक पहुंचने वाले खून की मात्रा कम हो जाती है। यदि किसी को पहले से ही हल्की किडनी की समस्या है, तो स्मोकिंग उस बीमारी की गति को घातक रूप से तेज कर देती है।

नज़रअंदाज़ न करें: छोटी समस्या, बड़ी बीमारी का संकेत

‘अननोन एटियोलॉजी’ और पर्यावरणीय कारण

चिकित्सा जगत में अब CKDu (क्रॉनिक किडनी डिजीज ऑफ अननोन एटियोलॉजी) एक बड़ी चिंता बनकर उभरा है। यह उन लोगों में देखा जा रहा है जिन्हें न शुगर है न बीपी। इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं:

  • लगातार डिहाइड्रेशन: भीषण गर्मी में बिना पर्याप्त पानी पिए लंबे समय तक काम करना।
  • भारी धातुएं: पीने के पानी में लेड, कैडमियम या आर्सेनिक जैसी धातुओं की मौजूदगी।
  • कीटनाशक: कृषि कार्यों के दौरान रसायनों का सीधा संपर्क।

बिना डॉक्टरी सलाह के दवाओं का सेवन

बिना डॉक्टरी सलाह के दवाओं का सेवन
बिना डॉक्टरी सलाह के दवाओं का सेवन

भारतीय घरों में सिरदर्द या बदन दर्द होने पर खुद से ‘पेनकिलर्स’ (NSAIDs) लेना आम बात है। लेकिन बिना डॉक्टरी परामर्श के लंबे समय तक इन दवाओं का सेवन किडनी को स्थायी रूप से डैमेज कर सकता है। इसके अलावा, आजकल बॉडीबिल्डिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले सप्लीमेंट्स और ‘नेचुरल’ के नाम पर बेचे जाने वाले कुछ असुरक्षित पारंपरिक उत्पाद भी किडनी के लिए जहर साबित हो सकते हैं।

अन्य छिपे हुए खतरे

किडनी खराब होने के पीछे कुछ अन्य चिकित्सीय कारण भी हो सकते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

  • बार-बार होने वाला यूरिन इन्फेक्शन (UTI)।
  • किडनी में बार-बार पथरी (Stone) बनना।
  • अनुवांशिक कारण या ऑटोइम्यून बीमारियां।

Health Tips: खाली पेट पपीता खाने के फायदे और नुकसान, जानें पूरी जानकारी

बचाव के उपाय: क्या करें?

किडनी की बीमारी ‘खामोश’ होती है क्योंकि इसके लक्षण तब तक प्रकट नहीं होते जब तक कि 60-70% नुकसान न हो चुका हो। इसलिए, नियमित ब्लड टेस्ट (जैसे KFT) और यूरिन टेस्ट ही एकमात्र तरीका है जिससे समय रहते इसका पता लगाया जा सकता है। संतुलित आहार, पर्याप्त जलपान और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर आप इस ‘साइलेंट किलर’ से बच सकते हैं।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या, बीमारी या उपचार के लिए कृपया कृपया योग्य चिकित्सक या नेफ्रोलॉजिस्ट से परामर्श करें।