Uttarakhand News: खटीमा में सीएम धामी का जनता से संवाद, अधिकारियों को दिए ये खास निर्देश

खटीमा पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता की शिकायतें सुनकर अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने शासन का तीन सूत्रीय मंत्र 'सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि' भी दोहराया। इसके अलावा अपने पैतृक गांव में मॉडल स्कूल का उद्घाटन किया। आखिर क्या है धामी सरकार की विकास और शिक्षा को लेकर प्राथमिकता?

खटीमा में सीएम धामी का जनता से संवाद

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

नवम्बर 3, 2026

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Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोहियाहेड हेलीपैड पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। साथ ही मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचाना भी है।

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‘सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि’ पर काम कर रही सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार के प्रशासनिक दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि शासन व्यवस्था तीन प्रमुख सिद्धांतों ‘सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि’ पर आधारित है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए, लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जाए और नागरिकों को सरकारी सेवाओं से संतुष्टि मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रशासन का काम आम लोगों की जरूरतों को समझना और उनकी समस्याओं का समय पर निस्तारण करना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अनावश्यक प्रक्रियाओं के कारण नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश

जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश
जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश

खटीमा में लोगों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही और अधिकारियों की कार्यशैली पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि आम नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण तय समयसीमा के भीतर किया जाए। जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं को नागरिकों के अनुकूल बनाने के लिए प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करना जरूरी है। प्रशासनिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी व्यक्ति को अपने काम के लिए अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं पर भी हुई चर्चा

मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों तथा बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों पर भी चर्चा की। उन्होंने क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं में तेजी लाने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में स्थानीय जरूरतों और जनता के सुझावों का महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में अधिकारियों को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी पहुंचे।

पैतृक गांव नागला तराई में मॉडल प्राथमिक स्कूल का उद्घाटन

खटीमा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक गांव नागला तराई में नवनिर्मित और उन्नत मॉडल प्राथमिक विद्यालय का उद्घाटन भी किया। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस स्कूल को स्थानीय समुदाय को समर्पित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई इसी विद्यालय से की थी। उन्होंने कहा कि इस स्कूल से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव है और इसके नए स्वरूप को देखकर उन्हें खुशी हो रही है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा को बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

सीमावर्ती गांवों में आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर

विद्यालय के उद्घाटन के बाद संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा बच्चों को सशक्त बनाने की कुंजी है। उन्होंने नागला तराई को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण ‘भारत का पहला गांव’ बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। खासकर सीमावर्ती गांवों के विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने स्कूलों में आधुनिक शिक्षण वातावरण तैयार करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा की गुणवत्ता पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखंड के स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई विभिन्न सरकारी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों की इमारतों को आधुनिक बनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सीखने के स्तर यानी लर्निंग आउटकम में भी सुधार करना है। इसके लिए शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत बनाने और बच्चों को बेहतर अवसर देने की जरूरत है। खटीमा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही, जन शिकायतों के समाधान और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को विकास की प्राथमिकताओं से जोड़ने का संदेश दिया।

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