Israel Government Crisis : इजरायल में नेतन्याहू की मुश्किलें बढ़ीं, गादी आइसेनकोट के समर्थन में विपक्ष एकजुट

इजरायल की राजनीति में सत्ता को लेकर घमासान तेज हो गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को चुनाव में 53 सीटें मिली हैं, जबकि गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें मिलीं। अब अरब पार्टियों के संभावित समर्थन से नेतन्याहू को सत्ता से हटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

Israel Government Crisis

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 3, 2026

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Israel Government Crisis : इजरायल में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विरोध में कई राजनीतिक दल मध्यमार्गी गठबंधन के नेता और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइसेनकोट के समर्थन में एकजुट होते दिखाई दे रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति आइजक हरजोग से मांग की है कि वे सरकार बनाने के लिए आइसेनकोट को आमंत्रित करें। इस घटनाक्रम को इजरायल की राजनीति में संभावित सत्ता परिवर्तन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

बेनेट ने राष्ट्रपति से आइसेनकोट को बुलाने की मांग की

बीयाहाड पार्टी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट ने कहा है कि वह राष्ट्रपति से याशर पार्टी के प्रमुख गादी आइसेनकोट को प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने की मांग करेंगे। उनके मुताबिक, मतदाताओं की इच्छा का सम्मान करना जरूरी है और आइसेनकोट को जल्द प्रधानमंत्री बनाया जाना चाहिए। बेनेट का मानना है कि उनके नेतृत्व में इजरायल को नई दिशा मिल सकती है और देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में सुधार का रास्ता खुल सकता है।

लिबरमैन ने भी आइसेनकोट के नाम का किया समर्थन

इजरायल बेतेनु पार्टी के नेता एविग्डोर लिबरमैन ने भी प्रधानमंत्री पद के लिए आइसेनकोट का समर्थन किया है। उन्होंने नेतन्याहू के नेतृत्व में नई गठबंधन सरकार बनने की संभावना को खारिज कर दिया। लिबरमैन का कहना है कि चुनाव में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करने के पक्ष में मतदान किया है। ऐसे में उनके नेतृत्व वाली सरकार को स्वीकार करना मुश्किल है। उन्होंने आइसेनकोट को प्रधानमंत्री और याइर लैपिड को संसद यानी नीसेट का स्पीकर बनाए जाने का समर्थन किया है।

आइसेनकोट के घर के बाहर दक्षिणपंथी समर्थकों का हंगामा

राजनीतिक समर्थन के बीच रविवार रात आइसेनकोट के आवास के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। दक्षिणपंथी दलों के समर्थक उनके घर के बाहर पहुंचे और नारेबाजी के साथ तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने गाजा में अपने बेटे की मौत के लिए पूर्व सेना प्रमुख आइसेनकोट को जिम्मेदार ठहराया। इस घटना ने राजनीतिक विवाद को और गहरा कर दिया है। विपक्षी नेताओं ने इस तरह के विरोध प्रदर्शन को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है।

याइर गोलान ने हंगामे की कड़ी निंदा की

इजरायल की डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता याइर गोलान ने आइसेनकोट के आवास के बाहर हुए हंगामे की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल लोग नेतन्याहू के समर्थक थे। गोलान के अनुसार, दक्षिणपंथी खेमे के कुछ लोग अपनी विचारधारा से अलग किसी नेता को प्रधानमंत्री बनते नहीं देखना चाहते। उन्होंने लिकुड पार्टी और अन्य दक्षिणपंथी दलों से राजनीति में नैतिक सीमाओं का पालन करने की अपील की। गोलान पहले ही आइसेनकोट के समर्थन का ऐलान कर चुके हैं।

राष्ट्रपति हरजोग के फैसले पर टिकी राजनीतिक नजरें

अब सरकार गठन को लेकर अंतिम फैसला राष्ट्रपति आइजक हरजोग के हाथ में है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से खुले मन से संसद में आने और बातचीत करने की अपील की है। उनके रुख से नेतन्याहू के लिए भी राजनीतिक संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में विपक्षी दलों का रुख उनके खिलाफ दिखाई दे रहा है।

क्या नेतन्याहू की सत्ता खत्म कर पाएगा विपक्षी गठबंधन?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आइसेनकोट के समर्थन में एकजुट हो रहे दल सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत जुटा पाएंगे। नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन के बाहर फिलहाल किसी दल ने उनके समर्थन में सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। ऐसे में राष्ट्रपति हरजोग की भूमिका और विपक्षी एकजुटता इजरायल की अगली सरकार का भविष्य तय कर सकती है।

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