
Ayodhya Deepotsav: अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 7 नवंबर को होने वाले भव्य आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर रूट डायवर्जन लागू करने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था 6 नवंबर की रात 12 बजे से दीपोत्सव समाप्त होने तक लागू रहेगी।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस अलर्ट
रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए तैयार हो रही है। इस बार दसवें दीपोत्सव को खास बनाने के लिए प्रशासन दिन-रात तैयारियों में जुटा है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।

इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। खासकर अयोध्या आने और यहां से दूसरे शहरों की तरफ जाने वाले रास्तों पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है। प्रशासन चाहता है कि दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को जाम और ट्रैफिक की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बस्ती-अयोध्या फोरलेन पर 6 नवंबर की रात से लागू होगा रूट डायवर्जन
दीपोत्सव के मद्देनजर बस्ती-अयोध्या फोरलेन यानी नेशनल हाईवे-27 पर विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। यह व्यवस्था 6 नवंबर की रात 12 बजे से लागू हो जाएगी। इसके बाद 7 नवंबर को दीपोत्सव कार्यक्रम समाप्त होने तक इसी प्लान के तहत वाहनों की आवाजाही कराई जाएगी।सीओ ट्रैफिक कुलदीप सिंह यादव ने बताया कि दीपोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचने की संभावना है। ऐसे में बस्ती से अयोध्या और लखनऊ की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस की कोशिश है कि मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम रहे और आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
भारी वाहनों के लिए तय किए गए वैकल्पिक रास्ते
डायवर्जन प्लान के तहत गोरखपुर और बस्ती से लखनऊ की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को सीधे अयोध्या मार्ग से नहीं जाने दिया जाएगा। इन वाहनों को बस्ती के कलवारी और टांडा मार्ग की तरफ डायवर्ट कर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा।इसके अलावा बस्ती फुटहिया और पटेल चौराहे से भी वाहनों को उनके गंतव्य के हिसाब से वैकल्पिक रास्तों पर रवाना किया जाएगा। वहीं लोलपुर से नवाबगंज और गोंडा होते हुए वाहनों को लखनऊ की तरफ भेजने की व्यवस्था की गई है।
ट्रैफिक पुलिस ने इस रूट प्लान के जरिए मुख्य मार्ग पर भीड़ और जाम की स्थिति को रोकने की तैयारी की है। ऐसे में दीपोत्सव के दौरान अयोध्या और लखनऊ की तरफ सफर करने वाले वाहन चालकों को पहले से अपने रास्ते की जानकारी रखना जरूरी होगा।
अयोध्या में दसवें दीपोत्सव की भव्य तैयारी

इस बार अयोध्या का दीपोत्सव कई मायनों में खास होने वाला है। दसवें दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए सरयू तट पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर तैयारियां की जा रही हैं। घाटों की सजावट से लेकर रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था तक हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद दीपोत्सव की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल और दूसरी जरूरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
अयोध्या दीपोत्सव से पहले होटल और होम स्टे फुल
दीपोत्सव को लेकर अयोध्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी है। इसका असर शहर के होटल और होम स्टे पर भी दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक, शहर के ज्यादातर होटल और होम स्टे में कमरों की बुकिंग तेजी से हो रही है और कई जगह फुल बुकिंग की स्थिति बन गई है।
कुल मिलाकर, इस बार अयोध्या का दसवां दीपोत्सव भव्य और यादगार बनाने की तैयारी है। एक तरफ सरयू तट पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य है, तो दूसरी तरफ लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। ऐसे में अगर आप 6 और 7 नवंबर को अयोध्या या लखनऊ की तरफ जाने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी जरूर ले लें।











