SIR Voter List : SIR के बाद यूपी में सबसे बड़ा उलटफेर, पांच राज्यों की वोटर लिस्ट से करोड़ों नाम गायब

2027 विधानसभा चुनाव से पहले पांच राज्यों की सियासत में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। SIR के बाद करीब 2.29 करोड़ मतदाताओं के नाम कम हो गए हैं। सबसे बड़ा झटका उत्तर प्रदेश में लगा है, जहां 2.04 करोड़ वोटर्स घटे। आखिर किन राज्यों में कितने नाम कटे और इसके क्या मायने हैं?

SIR Voter List

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 3, 2026

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UP SIR Voter List : उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वोटर्स की संख्या में बड़ी गिरावट सामने आई है। चुनाव आयोग और राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इन पांच राज्यों में पहले करीब 18.71 करोड़ मतदाता दर्ज थे। पुनरीक्षण के बाद यह संख्या घटकर लगभग 16.43 करोड़ रह गई है। यानी करीब 2.29 करोड़ मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है। इन सभी राज्यों में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम हटे

पांच राज्यों में SIR का सबसे ज्यादा प्रभाव उत्तर प्रदेश में दिखाई दिया है। कुल गिरावट का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा अकेले यूपी से जुड़ा है। पुनरीक्षण से पहले प्रदेश में करीब 15.44 करोड़ मतदाता थे। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने पर यह संख्या घटकर 12.56 करोड़ रह गई। इसके बाद दावे और आपत्तियों के निस्तारण के दौरान कुछ नाम दोबारा जोड़े गए और अंतिम मतदाता सूची में संख्या बढ़कर 13.40 करोड़ पहुंच गई।

यूपी में 2.04 करोड़ वोटर्स की हुई कमी

उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में पहले के मुकाबले करीब 2.04 करोड़ नाम कम दर्ज हुए हैं। यह कुल मतदाताओं का लगभग 13.24 प्रतिशत है। ड्राफ्ट सूची से करीब 2.89 करोड़ नाम हटाए गए थे, जिनमें लगभग 84 लाख मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल किए गए। इसके बावजूद प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट बनी हुई है।

पंजाब में 14 लाख मतदाताओं की संख्या घटी

पंजाब में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में लगभग 14 लाख की कमी दर्ज की गई। पुनरीक्षण से पहले यहां करीब 2.15 करोड़ मतदाता थे। ड्राफ्ट सूची में यह आंकड़ा 1.94 करोड़ रह गया, जबकि अंतिम सूची में बढ़कर लगभग 2.01 करोड़ हो गया। इस तरह कुल गिरावट करीब 6.34 प्रतिशत रही। पंजाब में हटाए गए लगभग 21 लाख नामों में से करीब सात लाख नाम दोबारा जोड़े गए।

उत्तराखंड में करीब आठ लाख वोटर्स कम हुए

उत्तराखंड में विशेष पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या करीब 80 लाख से घटकर 72 लाख रह गई। इस तरह राज्य में लगभग आठ लाख यानी 10.07 प्रतिशत मतदाताओं की कमी दर्ज की गई। ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों में से लगभग तीन प्रतिशत नाम ही अंतिम सूची में वापस शामिल हो सके।

मणिपुर और गोवा में भी दिखा SIR का असर

मणिपुर में मतदाताओं की संख्या 20.9 लाख से घटकर अंतिम सूची में करीब 19.6 लाख रह गई। यहां लगभग 6.33 प्रतिशत मतदाताओं की कमी हुई। वहीं गोवा में पहले 11.85 लाख मतदाता थे। ड्राफ्ट सूची में संख्या 10.85 लाख और अंतिम सूची में घटकर 10.58 लाख रह गई। इस तरह गोवा में करीब 1.3 लाख यानी 10.76 प्रतिशत मतदाता कम हुए। खास बात यह है कि गोवा में अंतिम सूची में ड्राफ्ट के मुकाबले भी नाम घट गए।

चुनाव आयोग ने 17 राज्यों में शुरू कराया SIR

चुनाव आयोग ने देश के 17 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण कराने का आदेश दिया था। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा और छूटे हुए पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा 1 जनवरी तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को भी मतदाता सूची में शामिल होने का मौका मिलेगा।

2027 में पांच राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा। वहीं मणिपुर, गोवा, पंजाब और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर पूरा होगा। उत्तर प्रदेश में 403, मणिपुर में 60, गोवा में 40, पंजाब में 117 और उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीटें हैं। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के प्रावधानों के तहत चुनाव आयोग विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले भी चुनाव करा सकता है। ऐसे में SIR के बाद सामने आए आंकड़े आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकते हैं।

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