Delhi Sena Bhawan fire: राजधानी दिल्ली के अति संवेदनशील क्षेत्र ‘सेना भवन’ के पास स्थित एक मजदूर कैंप में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस घटना ने आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा दिया। गनीमत रही कि दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से आग पर काबू पा लिया गया और कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
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घटना का विवरण और दमकल विभाग की मशक्कत
आग सेना भवन के निकट बने मजदूरों के एक अस्थाई (कच्चे) कैंप में लगी थी। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि वे देखते ही देखते पूरे कैंप में फैल गईं। सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। दिल्ली के फायर ऑफिसर संदीप दुग्गल ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल की करीब 25 गाड़ियों को तुरंत काम पर लगाया गया।
दमकल कर्मियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह से बुझाया। आग बुझाने के बाद भी कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा गया ताकि फिर से कोई खतरा न पैदा हो। घटनास्थल पर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिसके चलते समय रहते बड़ी जनहानि टल गई।
हादसे के संभावित कारण
फायर ऑफिसर संदीप दुग्गल ने हादसे के पीछे दो मुख्य कारणों की आशंका जताई है। हालांकि अभी जांच जारी है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिक जांच में दो पहलू सामने आए हैं:
LPG सिलेंडर: कैंप के अंदर खाना बनाने के लिए छोटे गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था। आशंका है कि किसी एक सिलेंडर में हुए विस्फोट से आग भड़की और देखते ही देखते पूरे कैंप में फैल गई।
शॉर्ट सर्किट: कैंप के भीतर बिजली के तारों का जाल बिछा हुआ था। अव्यवस्थित वायरिंग के चलते शॉर्ट सर्किट होना आग का दूसरा संभावित बड़ा कारण माना जा रहा है।
जांच दल अब इस बात का पता लगाने में जुटा है कि क्या बिजली के तारों की मेंटेनेंस में कोई लापरवाही बरती गई थी या पैनल में किसी तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति को फिलहाल बंद कर दिया गया है।
सुरक्षा के प्रति सतर्कता की आवश्यकता
यह हादसा निर्माण कार्य स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अस्थाई कैंपों में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्रियों और असुरक्षित विद्युत वायरिंग का उपयोग एक बड़ी चुनौती है। दमकल विभाग ने निर्देश दिए हैं कि ऐसी जगहों पर अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।










