Delhi Rape Case: दिल्ली दुष्कर्म केस पर राहुल गांधी का वार, स्लीपर बसों की निगरानी पर उठे बड़े सवाल

दिल्ली-एनसीआर स्लीपर बस दुष्कर्म मामले को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक सफर करने वाली बस की किसी चेकपॉइंट पर जांच क्यों नहीं हुई। NHRC ने भी मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

Delhi Rape Case

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 1, 2026

Delhi Rape Case:  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली-एनसीआर में स्लीपर बस में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर केंद्र सरकार के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए पूछा कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक कई किलोमीटर की यात्रा करने वाली बस किसी भी चेकपॉइंट या जांच स्थल पर क्यों नहीं रोकी गई।

स्लीपर बस दुष्कर्म मामले में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

बताते चले कि, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इस घटना ने दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर बस ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक एक्सप्रेसवे, रिंग रोड और सीमा क्षेत्रों से गुजरती रही, तो रास्ते में उसकी जांच क्यों नहीं हुई।

दिल्ली-एनसीआर महिला सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि 2012 के निर्भया कांड के बाद सार्वजनिक परिवहन, खासकर स्लीपर बसों की निगरानी और जांच के लिए बनाए गए नियमों का प्रभावी तरीके से पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही तय होना जरूरी है।

ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक कैसे पहुंची बस?

पुलिस के मुताबिक, 16 वर्षीय किशोरी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से नोएडा में अपने रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकली थी। 4 अगस्त की रात भारी बारिश और अंधेरे के बीच वह ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास एक स्लीपर बस में सवार हुई। आरोप है कि यात्रा के दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

परी चौक से नोएडा सेक्टर-63 के बीच वारदात का आरोप

पुलिस के अनुसार, कथित घटना परी चौक और नोएडा के सेक्टर-63 के बीच हुई। इसके बाद किशोरी को दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके के पास कथित तौर पर छोड़ दिया गया। वहां से वह आईएसबीटी थाने पहुंची, जहां शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण भी कराया।

पुलिस जांच में बस चालक और कंडक्टर गिरफ्तार

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से संबंधित बस को ट्रेस किया। पुलिस ने बस के चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। बस को भी कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

किशोरी को बाल कल्याण समिति के सामने किया गया पेश

पुलिस के अनुसार, किशोरी को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया था। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे उसके पिता को सौंप दिया गया। मामले में पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

NHRC ने भी दिल्ली दुष्कर्म मामले का लिया संज्ञान

इस घटना का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर मामले में आवश्यक जानकारी और कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। इससे मामला और गंभीर हो गया है और अब पुलिस जांच के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही पर भी नजर रहेगी।

स्लीपर बसों की निगरानी पर राहुल गांधी का बड़ा सवाल

राहुल गांधी ने स्लीपर बसों में लगे पर्दों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सीटों के आसपास लगे पर्दों के कारण बस के अंदर क्या हो रहा है, यह बाहर से आसानी से दिखाई नहीं देता। उनके मुताबिक, ऐसे मामलों को रोकने के लिए स्लीपर बसों की निगरानी और जांच की व्यवस्था को प्रभावी बनाना जरूरी है।

दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस की जवाबदेही पर सवाल

कांग्रेस नेता ने दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था में हुई कथित चूक की जिम्मेदारी किसकी होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा देने के लिए सिर्फ नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सख्ती से पालन भी सुनिश्चित करना होगा।

महिला सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन को लेकर नई बहस

दिल्ली-एनसीआर स्लीपर बस मामले ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अब सवाल सिर्फ इस मामले की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी है कि लंबी दूरी की स्लीपर बसों की निगरानी, जांच और सुरक्षा नियमों को जमीन पर कितनी गंभीरता से लागू किया जा रहा है। मामले की जांच पूरी होने के बाद तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।