MP Cabinet Meeting: मोहन सरकार के बड़े फैसले, RGPV तीन हिस्सों में बंटेगा, ₹41 हजार करोड़ मंजूर

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। RGPV को तीन क्षेत्रीय तकनीकी विश्वविद्यालयों में बांटने का निर्णय सबसे अहम है। इसके साथ करीब 41 हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर हुए हैं। आखिर किन क्षेत्रों को मिला फायदा और सरकार ने ये बदलाव क्यों किया?

MP Cabinet Meeting

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 1, 2026

MP Cabinet Meeting: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने करीब 41 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं के क्रियान्वयन को स्वीकृति दी है। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा, सड़क निर्माण, शिकायतों के निराकरण और आयुष विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया।

RGPV को तीन क्षेत्रीय तकनीकी विश्वविद्यालयों में बांटने की मंजूरी

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को लेकर लिया गया। सरकार ने मौजूदा विश्वविद्यालय को तीन अलग-अलग तकनीकी विश्वविद्यालयों में विभाजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत मध्य प्रदेश के तीन प्रमुख क्षेत्रों मध्य भारत, महाकौशल और मालवा के लिए अलग-अलग तकनीकी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को क्षेत्रीय जरूरतों के मुताबिक बेहतर ढंग से विकसित किया जा सकेगा।

भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में होंगे तीन विश्वविद्यालय

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार भोपाल स्थित वर्तमान RGPV को मध्य भारत क्षेत्र के तकनीकी विश्वविद्यालय के तौर पर विकसित किया जाएगा। महाकौशल क्षेत्र के लिए जबलपुर में नया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, जबकि मालवा क्षेत्र के विश्वविद्यालय का मुख्यालय उज्जैन में प्रस्तावित है। इस तरह प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के लिए तीन क्षेत्रीय केंद्र तैयार होंगे। इससे विद्यार्थियों और संस्थानों के प्रशासनिक संचालन को क्षेत्रीय स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जाएगी।

41 हजार करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने अलग-अलग विभागों से संबंधित करीब 41 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं के क्रियान्वयन को मंजूरी दी है। इन प्रस्तावों के जरिए प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों को गति देने की तैयारी है। सरकार की ओर से कहा गया कि स्वीकृत योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है। आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

हर जिले में शिकायतों के समाधान के लिए लोकपाल नियुक्त होंगे

आम लोगों की शिकायतों के निराकरण को लेकर भी कैबिनेट ने अहम फैसला किया। अब प्रदेश के प्रत्येक जिले में लोकपाल नियुक्त किए जाएंगे। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों से संबंधित शिकायतों के लिए जिला स्तर पर प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक अतिरिक्त माध्यम मिलेगा और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बीना-खिमलासा सड़क बनेगी फोरलेन

सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में कैबिनेट ने बीना-खिमलासा मार्ग को फोरलेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 2,776 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मार्ग के चौड़ीकरण और फोरलेन विकास से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए इस परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आयुष विभाग में नए पदों का होगा सृजन

कैबिनेट बैठक में आयुष विभाग से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। नवगठित जिलों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभाग में नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। नए जिलों में प्रशासनिक और विभागीय ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इससे संबंधित सेवाओं के संचालन और विभागीय कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में सहायता मिलने की संभावना है।

11 सितंबर को होगा जन विश्वास सप्ताह का आयोजन

कैबिनेट ने अगले जन विश्वास सप्ताह की तारीख भी निर्धारित कर दी है। इसका आयोजन 11 सितंबर को किया जाएगा। दो दिवसीय जन्माष्टमी पर्व को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की तारीख तय की गई है। सरकार इस पहल के जरिए आम लोगों की समस्याओं, शिकायतों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर संवाद तथा समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

RGPV को तीन क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में बांटने का निर्णय मध्य प्रदेश की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए विश्वविद्यालय बनने से स्थानीय जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम, प्रशासन और शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य मध्य भारत, महाकौशल और मालवा क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा के विस्तार और संस्थागत ढांचे को मजबूत करना है।

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