Delhi News: दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र से पुलिसकर्मियों पर हमले का गंभीर मामला सामने आया है। मुकुंदपुर इलाके के जनता विहार में पुलिस टीम नियमित गश्त और वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना जरूरी दस्तावेजों के मिली एक बाइक को पुलिसकर्मियों ने कब्जे में लेकर थाने ले जाने की कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि बाइक जब्त किए जाने से नाराज वाहन मालिक और उसके साथ मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ विवाद शुरू कर दिया। मामला देखते ही देखते हिंसक हो गया और आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
मिर्च पाउडर डालकर पुलिसकर्मियों पर हमला, लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा
मिर्च पाउडर आंखों में डाला
पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने जवानों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इसके बाद ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया। हमले की सूचना मिलने पर मदद के लिए पहुंचे हेड कांस्टेबल टीनू को भी आरोपियों ने निशाना बनाया। अचानक हुए इस हमले में पुलिस टीम के तीन जवान घायल हो गए। बताया गया है कि हेड कांस्टेबल दिनेश के सिर में चोट आई है। घटना के बाद सभी घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
पेट्रोलिंग के दौरान शुरू हुआ पूरा विवाद
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 अगस्त को करीब साढ़े तीन बजे की है। पुलिसकर्मी इलाके में नियमित पेट्रोलिंग कर रहे थे और वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक वाहन को पुलिस ने रोका और जरूरी कागजात नहीं मिलने पर उसे जब्त कर लिया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज वाहन मालिक समेत दो लोगों ने जवानों से बहस शुरू कर दी। आरोप है कि इसके बाद दोनों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। घटना के दौरान हुई मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया।
17 साल के आरोपी को पुलिस ने पकड़ा
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से एक 17 वर्षीय नाबालिग आरोपी को पकड़ लिया। वहीं, मामले में शामिल अन्य आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में FIR नंबर 537/26 दर्ज की है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई केस
पुलिस के मुताबिक, मामले में फरार मुख्य आरोपी की पहचान सुनील उर्फ पंकज के रूप में हुई है। उसे इलाके का BC यानी बैड कैरेक्टर बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुनील के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें दो मामले NDPS एक्ट से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
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फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमों को लगाया है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और घटना से जुड़े वीडियो व अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सरकारी ड्यूटी के दौरान जवानों पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार नाबालिग आरोपी से पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है।










