Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘वन्दे मातरम्’ को देश की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रभक्ति की अमर विरासत का प्रतीक बताया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में ‘वन्दे मातरम्’ के सम्मान और इसकी ऐतिहासिक विरासत की रक्षा को लेकर पारित प्रस्ताव का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ महज दो शब्द नहीं हैं, बल्कि भारत माता के प्रति करोड़ों देशवासियों की श्रद्धा, स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना और देश के लिए बलिदान देने वाले राष्ट्रभक्तों की गौरवगाथा का प्रतीक हैं।
नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में ‘वन्दे मातरम्’ के सम्मान और इसकी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने से संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।
Haryana News: सरकारी स्कूलों में होंगे बड़े बदलाव, हरियाणा सरकार ने पहले
स्वतंत्रता आंदोलन में रही अहम भूमिका
नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वन्दे मातरम्’ ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उद्घोष ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रभक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राष्ट्रीय विरासत को केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे वर्तमान पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियों के जीवन मूल्यों से जोड़ना भी जरूरी है। ‘वन्दे मातरम्’ मातृभूमि के प्रति सम्मान, त्याग, समर्पण और कर्तव्य की भावना को अभिव्यक्त करता है।
राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर राष्ट्रीय भावना
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की राष्ट्रीय भावनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत से राजनीतिक स्वार्थ, तुष्टीकरण या वोट-बैंक की राजनीति के लिए किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उनके इस बयान को भाजपा की वैचारिक सोच और राष्ट्रीय प्रतीकों को सार्वजनिक जीवन में विशेष महत्व देने के संदर्भ में देखा जा रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ी भावनाओं को राजनीतिक हितों से ऊपर रखा जाना चाहिए।
विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा ‘वन्दे मातरम्’
नायब सिंह सैनी ने ‘वन्दे मातरम्’ की भावना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत आज विकास, आत्मनिर्भरता और नए राष्ट्रीय लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में देश के प्रति समर्पण और कर्तव्यबोध की भावना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राष्ट्रीय गौरव, सांस्कृतिक विरासत और नागरिकों की जिम्मेदारी भी शामिल है। इसी भावना के साथ ‘वन्दे मातरम्’ की गूंज युवाओं को देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा दे सकती है।
नई पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील
मुख्यमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि स्वतंत्रता संग्राम की विरासत, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश के इतिहास और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों से परिचित कराना समय की आवश्यकता है।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने ‘वन्दे मातरम्’ का उद्घोष करते हुए राष्ट्रीय विरासत के सम्मान और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने इसे भारत की ऐतिहासिक स्मृति, राष्ट्रभक्ति और भविष्य के विकसित भारत के संकल्प के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में प्रस्तुत किया।
Haryana News: कैथल में गरजे संजय दत्त, 2029 चुनाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिया बड़ा संदेश










