Reservation Protest: आरक्षण विरोधी आंदोलन पर NDA में दो अलग सुर? चिराग और अठावले ने खोला पत्ता

Reservation Protest: जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के बाद सियासत गरमा गई है, NDA के प्रमुख दलित नेताओं चिराग पासवान और रामदास अठावले ने इस मुद्दे पर अलग-अलग अंदाज में अपना रुख सामने रखा, जानिए आरक्षण खत्म करने की मांग पर दोनों नेताओं ने क्या कहा और इसके पीछे सियासी संदेश क्या है

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर NDA में दो अलग सुर?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 23, 2026

Reservation Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ देने के लिए जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को प्रमुख आधार बनाया जाए।

इस मामले पर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को व्यवस्थित तरीके से सरकार के सामने रखते हैं, तो सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी चेताया कि आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी समाज के बड़े वर्ग में नाराजगी पैदा कर सकती है।

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आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर क्या कहा?

आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पर चिराग पासवान ने केंद्र सरकार की EWS व्यवस्था का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि NDA सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए पहले ही 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू कर चुकी है। पासवान का कहना है कि आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भावनाओं के बजाय स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से चर्चा होनी चाहिए, ताकि समाज में किसी तरह का भ्रम या तनाव पैदा न हो।

तेजस्वी यादव के समर्थन पर पासवान का बयान

पटना में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को RJD नेता तेजस्वी यादव के समर्थन पर भी चिराग पासवान से सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर तेजस्वी यादव का छात्रों और उनके मुद्दों के समर्थन में सामने आना अच्छी बात है। हालांकि, पासवान ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भी मौजूद रहकर इन मुद्दों को सदन में उठाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि देर से ही सही, लेकिन विपक्ष के नेता के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाना सकारात्मक कदम है।

चिराग पासवान ने यह भी कहा कि सरकार का हिस्सा होने के बावजूद वह लोगों और सरकार के बीच एक पुल की तरह काम करने की कोशिश करते हैं, ताकि जनता की आवाज सरकार तक पहुंच सके।

अठावले बोले- आरक्षण संवैधानिक अधिकार

वहीं केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास अठावले ने आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर बेहद स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आरक्षण संविधान से मिला अधिकार है और इसे समाप्त करने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।

अठावले ने कहा कि कुछ लोग जंतर-मंतर पर आरक्षण समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, जबकि सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक SC, ST और EWS समेत जरूरतमंद वर्गों को आरक्षण व्यवस्था से लाभ मिल रहा है, इसलिए इसे खत्म करने की मांग में कोई ठोस आधार नहीं है।

जातीय भेदभाव खत्म करने की उठाई मांग

अठावले ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 17 के तहत छुआछूत पर रोक है, लेकिन ग्रामीण भारत के कई हिस्सों में आज भी जाति आधारित भेदभाव और SC समुदायों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग आरक्षण समाप्त करने की बात करते हैं, उन्हें पहले जाति व्यवस्था और उससे जुड़े भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में काम करना चाहिए।

बोधगया मंदिर समिति में बदलाव की मांग

रामदास अठावले ने बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति को लेकर भी अपनी मांग सामने रखी। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था में चार हिंदू और चार बौद्ध सदस्यों के स्थान पर आठ बौद्ध ट्रस्टियों की व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही उन्होंने गया के जिलाधिकारी को समिति का पदेन अध्यक्ष बनाए रखने की बात कही। अठावले के मुताबिक बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 के तहत समिति का गठन हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी धार्मिक समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि बौद्ध पूजा स्थल का संचालन बौद्ध समुदाय द्वारा किए जाने की है।

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मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात की तैयारी

अठावले ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि वह अपनी मांग को लेकर राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे। इस बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद बौद्ध भिक्षुओं ने अपनी मांगों के समर्थन में पटना के गर्दनीबाग इलाके में पांच दिन की भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है। आरक्षण और बोधगया मंदिर प्रबंधन से जुड़े ये मुद्दे अब बिहार की सियासत में भी नई बहस को जन्म दे सकते हैं।