Delhi News: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के आर्ट्स फैकल्टी में हाल ही में हुए एक प्रोटेस्ट ने तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया। इस दौरान विरोधी स्टूडेंट ग्रुप्स ने एक-दूसरे पर मारपीट और धमकाने के आरोप लगाए। विवादित घटना में एक महिला जर्नलिस्ट के साथ बदसलूकी की खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि गुस्साए स्टूडेंट्स और एक युवती के बीच टकराव हुआ।
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प्रोटेस्ट के दौरान जर्नलिस्ट पर हमला

घटना दोपहर करीब 2 बजे हुई। वीडियो में भीड़ को नारे लगाते हुए और महिला को घेरते हुए देखा गया। महिला जर्नलिस्ट भीड़ में से निकलने या उन्हें संबोधित करने की कोशिश करती दिख रही हैं। ABVP ने आरोप लगाया कि जर्नलिस्ट पर हमला राइट-विंग स्टूडेंट्स ने किया। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने कहा कि उनके सदस्य जर्नलिस्ट को बचाने की कोशिश कर रहे थे, जब उन पर हमला किया गया। प्रोटेस्ट के दौरान कहा जा रहा है कि यह टकराव UGC से जुड़ी गाइडलाइंस और शिक्षा नीति को लेकर उठी मांगों का हिस्सा था। हालांकि, टकराव का सटीक कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है।
ABVP का बयान
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के दिल्ली स्टेट सेक्रेटरी सार्थक शर्मा ने कहा कि मीडिया पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि लेफ्ट-विंग पॉलिटिक्स का इतिहास हिंसा को बढ़ावा देने से जुड़ा रहा है। उनका आरोप है कि महिला पत्रकार पर हमला करने वाले समूह ने अपनी घटती लोकप्रियता को बनाये रखने के लिए इस तरह की हरकत की। ABVP ने पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन से कहा कि वे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
सार्थक शर्मा ने यह भी कहा कि यह हमला उस हिंसक मानसिकता को उजागर करता है, जो कुछ छात्र संगठन अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अपनाते हैं। उनके अनुसार, ऐसे कायरतापूर्ण व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
AISA का बयान
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने जवाब में कहा कि प्रोटेस्ट के दौरान उनके सदस्यों को ही टारगेट किया गया। उनके अनुसार, राइट-विंग गुंडों ने जर्नलिस्ट पर हमला किया, जबकि उनके छात्र सदस्य उसे बचाने का प्रयास कर रहे थे। AISA ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस और CRPF की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों को खुली छूट दी गई।
AISA ने अपने बयान में कहा कि यह हिंसा उनके डर और UGC इक्विटी रेगुलेशन के प्रति विरोध का संकेत है। संगठन ने यह भी कहा कि रोहित एक्ट और शिक्षा सुधार के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे डरेंगे नहीं।
इस प्रोटेस्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में तनाव और असहिष्णुता को उजागर किया है। ABVP और AISA दोनों ही पक्ष अपने-अपने दृष्टिकोण से जिम्मेदारी दूसरों पर डाल रहे हैं। जर्नलिस्ट पर हमला और स्टूडेंट्स में टकराव शिक्षा संस्थानों में बढ़ती हिंसा और राजनीतिक तनाव की गंभीर समस्या को सामने लाता है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि शिक्षा संस्थानों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।









