Delhi News: दिल्ली की राजनीति और नागरिक उड्डयन क्षेत्र (Civil Aviation Sector) से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट ने शनिवार (16 मई 2026) को एक ऐतिहासिक और जनहितैषी फैसला लिया है। सरकार ने हवाई जहाजों में इस्तेमाल होने वाले विशेष ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) में भारी कटौती को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, अब एटीएफ पर वैट की दर को 25 फीसदी से सीधे घटाकर मात्र 7 फीसदी कर दिया गया है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच दिल्ली सरकार के इस कदम से विमानन कंपनियों के साथ-साथ आम हवाई यात्रियों को भी सीधी और बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Delhi Excise Policy Case 2026: शराब नीति केस से अलग हुईं जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा, AAP पर नया विवाद
वैश्विक संकट के बीच कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा निर्णय
दिल्ली सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है, “राज्य सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर मौजूदा 25 प्रतिशत वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) को घटाकर 7 प्रतिशत करने का नीतिगत फैसला किया है। इस कदम से डोमेस्टिक और इंटरनेशनल एयरलाइंस के साथ-साथ आम मध्यमवर्गीय यात्रियों को व्यापक फायदा होने की उम्मीद है।”
यह महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में लोक भवन में आयोजित कैबिनेट की विशेष बैठक के दौरान लिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्ष और तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और विमानन ईंधन की कीमतों में भारी अनिश्चितता और तेजी देखी जा रही थी। इसी अंतरराष्ट्रीय संकट को भांपते हुए और घरेलू बाजार को स्थिरता देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने समय रहते यह बड़ा कदम उठाया है।
फिलहाल 6 महीने के लिए लागू होंगी नई दरें
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैट की यह संशोधित और कम की गई दरें फिलहाल आगामी छह महीने की अवधि के लिए प्रभावी रूप से लागू की जाएंगी। सरकार के इस रणनीतिक फैसले से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) से उड़ान भरने वाली सभी फ्लाइट्स की परिचालन लागत (Operating Cost) में भारी कमी आएगी। नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों का मानना है कि जब एयरलाइन कंपनियों का रोजाना का खर्च घटेगा, तो वे इसका सीधा लाभ यात्रियों को हवाई टिकटों के दाम घटाकर देंगी। यानी आने वाले पर्यटन और त्योहारी सीजन में दिल्ली से सफर करने वाले लोगों के लिए हवाई टिकट काफी सस्ते हो सकते हैं।
एयरलाइंस का सबसे बड़ा खर्च है ATF
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) दरअसल हवाई जहाजों और हेलीकॉप्टरों में इस्तेमाल होने वाला एक विशेष और अत्यधिक रिफाइंड ईंधन होता है। किसी भी कमर्शियल एयरलाइन कंपनी के कुल परिचालन बजट में इस ईंधन का हिस्सा सबसे बड़ा होता है। सामान्य तौर पर एयरलाइंस के कुल खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अकेले एटीएफ की खरीद में ही चला जाता है। ऐसे में एटीएफ पर टैक्स कम होने से विमानन कंपनियों के लिए कम लागत में बेहतर सेवाएं देना बेहद आसान हो जाता है।
पिछले कुछ वर्षों से देश की तमाम प्रमुख एयरलाइन कंपनियां लगातार केंद्र और राज्य सरकारों से यह मांग कर रही थीं कि एटीएफ पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स को कम किया जाए। कंपनियों का तर्क था कि अत्यधिक टैक्स के कारण परिचालन खर्च बढ़ता है, जिससे मजबूरन टिकट महंगे करने पड़ते हैं और इसका सीधा असर हवाई यात्रियों की संख्या पर पड़ता है। भारत के कुछ अन्य राज्यों ने भी अपने यहाँ विमानन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहले ही एटीएफ पर टैक्स कम किया है, जिसका फायदा उन्हें मिल रहा है।
दिल्ली में बढ़ सकती है पैसेंजर्स की संख्या और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली सरकार के इस फैसले को देश के विमानन क्षेत्र को बूस्ट देने की दिशा में एक गेम-चेंजर कदम माना जा रहा है। टैक्स में इस ऐतिहासिक कटौती के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों की आवृत्ति (Frequency) बढ़ने और हवाई यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।
सरकार का दृढ़ विश्वास है कि इस कदम से न केवल हवाई सफर करने वाले आम नागरिकों की जेब पर बोझ कम होगा, बल्कि टिकट सस्ते होने से देश में बढ़ती महंगाई के दौर में जनता को एक बड़ी मानसिक और आर्थिक राहत मिलेगी। अब पूरे देश के पर्यटन क्षेत्र और व्यापारिक जगत की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विमानन कंपनियां आने वाले दिनों में अपनी टिकट दरों में कितनी कटौती की घोषणा करती हैं।










