Delhi NCR Earthquake: शनिवार की शाम उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से में भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के निवासियों ने अचानक धरती को हिलते हुए महसूस किया। इस भूकंप के कारण दफ्तरों, घरों और ऊंची इमारतों में मौजूद लोग सहम गए और एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में बाहर निकल आए। कुछ ही पलों के लिए आए इन झटकों ने लोगों के दिलों में डर पैदा कर दिया, हालांकि गनीमत यह रही कि जान-माल के किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
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जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में स्थिति
जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोग घबराकर घरों से बाहर आ गए। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। इससे पहले, शुक्रवार 27 जून को भी भूकंपीय गतिविधियाँ दर्ज की गई थीं। सुबह 11:38 बजे हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका केंद्र धर्मशाला से लगभग 22 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में और सतह से महज 5 किलोमीटर की गहराई पर था। हालांकि इसकी तीव्रता कम थी और इससे कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लगातार हो रही ये गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं।
अफगानिस्तान के हिंदू कुश में शक्तिशाली भूकंप
इस भूकंप का मुख्य स्रोत अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र था। शनिवार शाम भारतीय समयानुसार लगभग 7:04 बजे वहाँ 6.2 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में कलाफगन से लगभग 81 किलोमीटर दूर स्थित था। इसकी गहराई सतह से 215 किलोमीटर नीचे होने के कारण इसके झटकों का प्रभाव एक विशाल भौगोलिक क्षेत्र में महसूस किया गया।
इस भूकंप की गूंज न केवल अफगानिस्तान और भारत के उत्तर-पश्चिम हिस्सों में, बल्कि पाकिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान तक सुनाई दी। भूकंप विज्ञानियों (Seismologists) के अनुसार, 6.2 तीव्रता का भूकंप काफी मजबूत माना जाता है, जिसमें व्यापक तबाही की क्षमता होती है। लेकिन चूंकि यह भूकंप सतह से काफी अधिक गहराई पर आया था, इसलिए धरातल पर होने वाले नुकसान की संभावना काफी कम रही। गहरे फोकस वाले भूकंपों की ऊर्जा सतह तक आते-आते काफी हद तक कम हो जाती है, जो कि एक राहत की बात रही।
सतर्क रहने की आवश्यकता
उत्तर भारत, विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र और इसके आसपास के इलाके भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माने जाते हैं। शनिवार की इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का पूर्वानुमान लगाना संभव नहीं है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी आपदा की स्थिति में बचाव के बुनियादी नियमों का पालन करें। फिलहाल, राहत और बचाव दल सभी प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट पर हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।
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