Delhi Government Scheme: देश में जारी ईंधन संकट (Fuel Crisis) को देखते हुए दिल्ली सरकार ने निजी वाहनों के उपयोग को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद अनोखा और बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार अब अपने उन कर्मचारियों को विशेष वित्तीय प्रोत्साहन (Incentive) देगी, जो दफ्तर आने-जाने के लिए दिल्ली मेट्रो या डीटीसी (DTC) बसों का इस्तेमाल करते हैं। वित्त विभाग द्वारा तैयार की गई इस नई प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
Delhi Weather: दिल्ली में कब होगी बारिश? जानें मानसून की एंट्री और राहत की तारीख
क्या है दिल्ली सरकार की इंसेंटिव योजना और किसे मिलेगा इसका लाभ?
दिल्ली सरकार के वित्त विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, यह योजना उन सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए है जो अपने निजी वाहनों को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन का विकल्प चुनते हैं।
इस योजना के तहत इंसेंटिव पाने के नियम और शर्तें निम्नलिखित हैं:
25% खर्च की शर्त: यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने मासिक ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA – परिवहन भत्ता, महंगाई भत्ता छोड़कर) का कम से कम 25 फीसदी हिस्सा ‘कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (यानी वन दिल्ली/मेट्रो कार्ड) को खरीदने या रिचार्ज करने में खर्च करता है, तो वह इस योजना के लिए पात्र माना जाएगा।
10% अतिरिक्त इंसेंटिव: शर्त पूरी करने वाले कर्मचारियों को उनके कुल मासिक ट्रांसपोर्ट अलाउंस के 10 फीसदी के बराबर अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन (Incentive) दिया जाएगा।
सैलरी के साथ भुगतान: कर्मचारियों को मिलने वाले इस अतिरिक्त इंसेंटिव का भुगतान हर महीने उनके नियमित वेतन (Salary) के साथ ही जोड़कर किया जाएगा।
छह महीने के लिए लागू होगी स्कीम
सरकार की इस पर्यावरण और ईंधन हितैषी योजना का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, दिल्ली सरकार के मुख्य प्रशासनिक विभागों के अलावा इसके नियंत्रण में काम करने वाले सभी स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies), स्थानीय निकायों (Local Bodies), सरकारी अकादमियों, विभिन्न बोर्डों, निगमों (Corporations), सोसायटियों और सरकार से अनुदान प्राप्त (Aided) संस्थानों के कर्मचारी भी इस योजना का लाभ उठाने के हकदार होंगे।
फिलहाल, इस योजना को शुरुआती तौर पर छह महीने की प्रायोगिक अवधि (Trial Period) के लिए लागू किया जा रहा है। छह महीने पूरे होने के बाद सरकार इस योजना के प्रभावों, ईंधन की बचत और कर्मचारियों के फीडबैक की समीक्षा करेगी, जिसके बाद इसे आगे बढ़ाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान के तहत उठाया गया कदम
दिल्ली सरकार का यह फैसला पिछले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा शुरू किए गए ’90 दिन का मेरा भारत, मेरा योगदान’ फ्यूल बचत अभियान की अगली कड़ी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तेल संकट के बीच दिल्ली को ईंधन की किल्लत से बचाने के लिए इस अभियान को बेहद आक्रामक ढंग से चलाया जा रहा है।
इस महा-अभियान के तहत दिल्ली सरकार पहले ही अपने सभी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) की सुविधा दे चुकी है, ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम किया जा सके। अब इसी कड़ी में मेट्रो और बसों से सफर करने वाले कर्मचारियों को नकद इंसेंटिव देने का फैसला किया गया है, जिससे निश्चित रूप से दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ेगा और भारी मात्रा में ईंधन की बचत होगी।
Delhi News: साकेत बिल्डिंग मलबे में दबी ‘प्रशासनिक साज़िश’, एमिकस की रिपोर्ट में बड़े आरोप










