Delhi Excise Policy Case 2026: शराब नीति केस से अलग हुईं जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा, AAP पर नया विवाद

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अवमानना मामले की शुरुआत के बाद खुद को दिल्ली शराब नीति केस की आगे की सुनवाई से अलग कर लिया। इसका कारण यह है कि इस मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया आरोपी हैं।

Delhi Excise Policy Case 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 14, 2026

Delhi Excise Policy Case 2026: दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने आम आदमी पार्टी (AAP) नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर न्यायमूर्ति के खिलाफ शराब नीति घोटाले से जुड़े मामलों में अपमानजनक और मानहानिकारक आरोप लगाने के कारण की गई।

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अपमानजनक बयान और अवमानना नोटिस

जस्टिस शर्मा ने इन नेताओं के बयानों को ‘अपमानजनक और खेदजनक’ करार देते हुए अवमानना नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा कि एक्साइज पॉलिसी केस में कुछ आरोपियों ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बदनाम करने वाली बातें लिखीं, जो क्रिमिनल कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की परिभाषा में आती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फेयर क्रिटिसिज्म और कोर्ट के खिलाफ कैंपेन चलाने में फर्क होता है।

शराब नीति केस से अलग हुईं जस्टिस शर्मा

अवमानना मामले की शुरुआत के बाद जस्टिस शर्मा ने खुद को शराब नीति मामले की आगे की सुनवाई से अलग कर लिया। इसका कारण यह है कि इस केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया आरोपी हैं। उन्होंने आदेश दिया कि इस मामले को अब किसी अन्य बेंच को हस्तांतरित किया जाए।

अदालत की टिप्पणी

जस्टिस शर्मा ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अदालत की आलोचना और अदालत के खिलाफ अभियान चलाने में बड़ा अंतर है। आलोचना स्वीकार्य है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और अपमानजनक टिप्पणियां न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को प्रभावित करती हैं।

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