Delhi Bulldozer Action: बीच सड़क बनी मजार हटाई, पीतमपुरा में प्रशासन का बड़ा कदम

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के गुम्मिडीपूंडी औद्योगिक क्षेत्र (SIPCOT) में स्थित एक प्राइवेट मेटल स्मेल्टिंग फैक्ट्री (स्टील मेल्टिंग यूनिट) में मंगलवार सुबह एक बड़ा बॉयलर फट गया।

Delhi Bulldozer Action

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 14, 2026

Delhi Bulldozer Action: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। दिल्ली सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) अवैध निर्माण को लेकर ‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार (14 जुलाई) को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पीतमपुरा-शालीमार बाग मुख्य मार्ग पर एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। यहाँ बीच सड़क पर अवैध रूप से बनी एक मजार को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

इस कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य राजधानी की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाना और जनता के लिए सुगम व जाम-मुक्त आवागमन सुनिश्चित करना है।

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सड़क चौड़ीकरण परियोजना की राह में रोड़ा बना था अवैध निर्माण

यह बुलडोजर एक्शन पीतमपुरा-शालीमार बाग मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण परियोजना के तहत किया गया है। लंबे समय से इस व्यस्त मार्ग पर अतिक्रमण के कारण भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी। इस चौड़ीकरण परियोजना का मुख्य उद्देश्य शालीमार बाग, आजादपुर, रिंग रोड और इसके आसपास के घनी आबादी वाले आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।

इस परियोजना के सुचारू संचालन के लिए हाल ही में शालीमार बाग के हैदरपुर इलाके में भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई गई थी। प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस अभियान से प्रभावित होने वाले पात्र परिवारों के लिए 3 लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह सहायता (सहायता राशि) का भी प्रावधान रखा है, ताकि उनका पुनर्वास सुचारू रूप से हो सके।

DDA की सख्त चेतावनी

अतिक्रमण के खिलाफ इस कार्रवाई के बीच दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने सोमवार को एक बेहद सख्त चेतावनी जारी की थी। DDA ने साफ तौर पर कहा है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा, अतिक्रमण या अनधिकृत पार्किंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि ऐसी गतिविधियां पाई जाती हैं, तो प्रशासन बिना किसी पूर्व नोटिस के सीधे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर देगा।

इसके साथ ही, DDA ने अतिक्रमणकारियों पर नकेल कसने के लिए एक नया नियम भी स्पष्ट किया है। प्राधिकरण के अनुसार, अवैध निर्माण को गिराने में आने वाला पूरा खर्च (Demolition Cost) संबंधित कब्जाधारकों से ही वसूला जाएगा। इसके अलावा, सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं और व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई भी दर्ज की जाएगी। दिल्ली प्रशासन की इस सख्त हिदायत से साफ है कि आने वाले दिनों में अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान और भी आक्रामक रूप लेने वाला है।

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