Datia Bypoll LIVE: शुरुआती रुझानों में भाजपा आगे, कांग्रेस को मिली कड़ी चुनौती

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि कांग्रेस के घनश्याम सिंह को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। क्या भाजपा अपनी बढ़त को जीत में बदल पाएगी या कांग्रेस करेगी वापसी? जानिए हर अपडेट।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 3, 2026

Datia Bypoll LIVE:  मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के परिणाम आज घोषित किए जा रहे हैं। सुबह से ही मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती जारी है। इस सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया गया क्योंकि पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद समाप्त हो गई थी। दतिया का यह चुनाव केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा का संकेत भी माना जा रहा है। शुरुआती रुझानों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं।

शुरुआती राउंड में भाजपा को बढ़त

मतगणना की शुरुआत डाक मतपत्रों की गिनती से हुई, जिसके बाद सुबह करीब 8:30 बजे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के मतों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी बढ़त बनाते नजर आए। पहले राउंड के बाद भाजपा आगे रही, जबकि दूसरे राउंड तक आशुतोष तिवारी ने 909 वोटों की बढ़त हासिल कर ली। हालांकि मतगणना अभी जारी है और सभी राउंड पूरे होने के बाद ही अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा।

क्यों कराना पड़ा दतिया में उपचुनाव?

दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की नौबत पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता के कारण आई। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,700 से अधिक मतों से हराया था। लेकिन अप्रैल 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई और यह सीट रिक्त घोषित कर दी गई। निर्वाचन आयोग ने इसके बाद यहां उपचुनाव कराने का निर्णय लिया।

भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला

इस बार भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया। आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर सिंह यादव ने भी चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों प्रमुख दलों ने एक-दूसरे पर जमकर राजनीतिक हमले किए और स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य सरकार की नीतियों को भी चुनावी बहस का केंद्र बनाया।

टिकट को लेकर हुआ था राजनीतिक विवाद

भाजपा द्वारा नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद दतिया की राजनीति में काफी हलचल देखने को मिली थी। उनके समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आई थीं। हालांकि बाद में नरोत्तम मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी का समर्थन किया और पार्टी की जीत के लिए प्रचार भी किया। इस घटनाक्रम ने दतिया उपचुनाव को प्रदेश के सबसे चर्चित राजनीतिक मुकाबलों में शामिल कर दिया।

दोनों दलों ने झोंकी पूरी ताकत

भाजपा ने चुनाव प्रचार में विकास कार्यों और केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को प्रमुख मुद्दा बनाया। मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने यहां चुनाव प्रचार किया। दूसरी ओर कांग्रेस ने किसानों की समस्याएं, फसल नुकसान, ओबीसी आरक्षण और सत्ता के कथित दुरुपयोग जैसे मुद्दों को जनता के बीच उठाया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी चुनावी सभाओं को संबोधित किया।

मतगणना पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दतिया विधानसभा क्षेत्र में मतदान के लिए कुल 291 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान के दौरान और मतगणना के दिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मतगणना केंद्रों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी सक्रिय हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उपचुनाव का परिणाम राज्य सरकार पर तत्काल प्रभाव नहीं डालेगा, लेकिन 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले यह भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण संकेत देने वाला साबित हो सकता है।

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