Jamui Case: बिहार के जमुई में दो नाबालिग छात्रो के साथ कथिक दुर्व्यवहार और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में तगड़ा आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना में 10वीं कक्षा की एक छात्रा और उसका पुरुष सहपाठी शामिल थे। सामने आए वीडियो में एक समूह दोनों को रोककर उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार करता दिखाई देता है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और आरोपियों की पहचान शुरू की।
घटना के सामने आने के बाद बिहार में छात्राओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हुई। विपक्षी नेताओं ने सरकार से सवाल किए, वहीं पुलिस की ओर से मामले में कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
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वायरल वीडियो के बाद तेज हुई पुलिस कार्रवाई
रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर को हुई थी और इसके वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़ितों का पता लगाया, उनके बयान दर्ज किए और प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने वीडियो के आधार पर कई संदिग्धों की पहचान की। शुरुआती कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपियों में शामिल दो लोगों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगने की बात सामने आई है। मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक मामले में कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
सम्राट चौधरी ने रील कल्चर का किया जिक्र

इस पूरे मामले के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया पर बनने वाली रीलों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपराधियों को पुलिस को चुनौती नहीं देनी चाहिए और कानून को चुनौती देने पर पुलिस कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध करके कोई व्यक्ति समाज का हीरो नहीं बन सकता।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में सोशल मीडिया पर रील बनाने के बढ़ते चलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोग अपनी जिंदगी जीने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन आपराधिक गतिविधियों को रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया पर दिखाना किसी को नायक नहीं बना सकता।
अपराधियों को लेकर सीएम का सख्त संदेश
सम्राट चौधरी ने इसी कार्यक्रम में यह भी कहा कि अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता और पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी। उन्होंने प्रशासन की प्राथमिकता के तौर पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का उल्लेख किया। जमुई की घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। विपक्षी दलों ने घटना को लेकर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तापक्ष की ओर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और जांच का हवाला दिया जा रहा है।
जांच जारी, आरोपियों की भूमिका खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका, वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया है कि वीडियो के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी जारी है। इस पूरे मामले में जांच पूरी होने के बाद ही प्रत्येक आरोपी की भूमिका और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होगी।
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