दतिया उपचुनाव: जातीय समीकरण साधने में जुटी भाजपा, हर वर्ग तक पहुंचने के लिए तैयार खास रणनीति

दतिया  दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा ने जातीय समीकरणों के हिसाब से चुनावी रणनीति तैयार कर ली है। विधानसभा का 20 से 24 जुलाई तक चलने वाला मानसून सत्र समाप्त होते ही सरकार और संगठन पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में उतरेंगे। पार्टी अलग-अलग समाजों में प्रभाव रखने वाले मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को उसी वर्ग के मतदाताओं के बीच प्रचार की जिम्मेदारी सौंपेगी, ताकि अधिक से अधिक वोट अपने पक्ष में किए जा सकें।   दतिया विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा प्रभाव अनुसूचित जाति, ब्राह्मण और काछी-कुशवाह समाज का माना जाता है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इन्हीं वर्गों

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Published On :

जुलाई 17, 2026

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दतिया 
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा ने जातीय समीकरणों के हिसाब से चुनावी रणनीति तैयार कर ली है। विधानसभा का 20 से 24 जुलाई तक चलने वाला मानसून सत्र समाप्त होते ही सरकार और संगठन पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में उतरेंगे। पार्टी अलग-अलग समाजों में प्रभाव रखने वाले मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को उसी वर्ग के मतदाताओं के बीच प्रचार की जिम्मेदारी सौंपेगी, ताकि अधिक से अधिक वोट अपने पक्ष में किए जा सकें।  

दतिया विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा प्रभाव अनुसूचित जाति, ब्राह्मण और काछी-कुशवाह समाज का माना जाता है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इन्हीं वर्गों के मतदाता चुनाव परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। भाजपा ने भी अपनी रणनीति का केंद्र इन्हीं समाजों को बनाया है। पार्टी को सबसे बड़ी चुनौती ब्राह्मण मतदाताओं को एकजुट रखने की है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का इस समाज में मजबूत प्रभाव माना जाता रहा है। ऐसे में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के पक्ष में ब्राह्मण वोटों को बनाए रखने के लिए पार्टी ने विशेष रणनीति बनाई है। इसी कारण उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, मंत्री राकेश शुक्ल सहित कई ब्राह्मण नेताओं को प्रचार अभियान में सक्रिय भूमिका दी जाएगी। अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री तुलसी सिलावट और दिलीप अहिरवार को चुनाव प्रचार में उतारने की तैयारी है। 

वहीं पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य को भी अहम जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है।
काछी-कुशवाह समाज को साधने के लिए मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को दतिया में अधिक समय देने की सलाह दी गई है। इसके अलावा ग्वालियर के सांसद भरत सिंह कुशवाह को पहले ही दतिया उपचुनाव का चुनाव प्रभारी बनाया जा चुका है। यादव, लोधी, पाल और बघेल समाज के बीच प्रचार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री प्रहलाद पटेल, धर्मेंद्र लोधी और ऐदल सिंह कंसाना भी सक्रिय रहेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ब्राह्मण, जाटव-अहिरवार और काछी-कुशवाह समाज इस उपचुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। 

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दतिया उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर दांव लगाया है। 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।

दतिया में किस जाति के कितने वोट
अनुसूचित जाति (जाटव, अहिरवार सहित) : करीब 60 हजार वोटर
ब्राह्मण : करीब 35 हजार वोटर
काछी-कुशवाह : करीब 27 हजार वोटर
बघेल, पाल व क्षेत्रीय समाज : करीब 25 हजार वोटर
यादव : करीब 18 हजार वोटर
वैश्य : करीब 15 हजार वोटर 

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