Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा की चमक, सिल्वर मेडल जीतते ही गांव में जश्न का माहौल

भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है।

Commonwealth Games 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 1, 2026

Commonwealth Games 2026: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंक खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश और अपने गृह राज्य हरियाणा का मान बढ़ाया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा द्वारा सिल्वर मेडल जीतने की इस शानदार उपलब्धि की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव खंडरा पहुँची, वहाँ खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। हालांकि इस दौरान नीरज के माता-पिता गांव में मौजूद नहीं हैं, फिर भी उनके पैतृक आवास पर बधाई देने वाले शुभचिंतकों और ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है।

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गांव खंडरा में जश्न का माहौल और ग्रामीणों का उत्साह

नीरज की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनके पूरे परिवार और स्थानीय ग्रामीणों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। गांव की गलियों में आतिशबाजी और मिठाइयों का दौर शुरू हो गया है। हर कोई इस होनहार खिलाड़ी की इस बड़ी सफलता पर झूम रहा है। माता-पिता की अनुपस्थिति के बावजूद घर पर आने वाले लोगों का तांता यह साबित करता है कि नीरज की यह उपलब्धि पूरे गांव के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है।

चाचा और दादा की प्रतिक्रिया

इस खास मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए नीरज चोपड़ा के चाचा ने अपनी खुशी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने भतीजे की मेहनत और सफलता पर पूरा गर्व है। इसके साथ ही उन्होंने एक दिलचस्प बात साझा करते हुए कहा कि यदि मुकाबले के दिन मौसम अनुकूल और बेहतर होता, तो परिणाम और भी अधिक शानदार हो सकते थे। चाचा ने इस बात पर भी बेहद प्रसन्नता जताई कि जैवलिन थ्रो जैसे कड़े मुकाबले में हरियाणा के खाते में कुल दो मेडल आए हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए बहुत गौरव की बात है।

उधर, नीरज चोपड़ा के दादा ने भी अपने पोते की इस शानदार उपलब्धि पर अपना आशीर्वाद और खुशी साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें नीरज पर हमेशा से अटूट भरोसा और गर्व रहा है तथा उन्हें पूरा विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करता रहेगा।

देश और प्रदेश के लिए प्रेरणा बने नीरज

नीरज चोपड़ा का यह सिल्वर मेडल केवल एक पदक नहीं है, बल्कि देश के लाखों युवाओं के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। संसाधनों और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद जिस तरह से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, वह अविश्वसनीय है। उनके पैतृक गांव खंडरा से लेकर पूरे देश में आज जश्न का माहौल इस बात का प्रमाण है कि खेल और खिलाड़ियों के प्रति देशवासियों का प्रेम और सम्मान सर्वोपरि है।

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