Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इस बार प्रतियोगिता का स्वरूप पिछले संस्करणों की तुलना में काफी अलग होगा, क्योंकि कई लोकप्रिय खेलों को कार्यक्रम से बाहर रखा गया है। क्रिकेट, बैडमिंटन, शूटिंग और कुश्ती जैसे खेल इस बार शामिल नहीं हैं। इन बदलावों का असर भारत के पदक अभियान पर भी पड़ सकता है। इसके बावजूद भारतीय दल अपने स्टार खिलाड़ियों के दम पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है। इस बार भारत की ओर से कुल 124 एथलीट विभिन्न स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे।
कम खेलों के बावजूद भारत को पदकों की उम्मीद
हालांकि इस बार प्रतियोगिता में खेलों की संख्या कम है, फिर भी भारतीय दल कई स्पर्धाओं में मजबूत दावेदार माना जा रहा है। ओलंपिक और विश्व स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। विशेष रूप से एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, जूडो और पैरा स्पर्धाओं में भारत के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। प्रतियोगिता में कुल 10 प्रमुख खेल शामिल किए गए हैं, जिनमें 215 पदक स्पर्धाएं आयोजित होंगी।
नीरज चोपड़ा और मीराबाई चानू पर रहेंगी सबसे ज्यादा निगाहें
भारत की सबसे बड़ी उम्मीदों में ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा का नाम सबसे आगे है। पुरुष भाला फेंक स्पर्धा का फाइनल 1 अगस्त को खेला जाएगा, जहां नीरज एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। वहीं दो बार की कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए मजबूत दावेदारी पेश करेंगी। बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहाई से भी पदक की बड़ी उम्मीद रहेगी।
24 और 25 जुलाई को इन खिलाड़ियों पर होगी नजर
24 जुलाई को बॉक्सिंग में प्रीति पवार (54 किग्रा), जसमीन लंबोरिया (57 किग्रा) और सुमित कुंडू (70 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। इसी दिन पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक मलिक, परमजीत कुमार और सुमन देवी भी प्रतिस्पर्धा में उतरेंगे। 25 जुलाई को 3×3 बास्केटबॉल में भारत का मुकाबला वेल्स से होगा। आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में प्रणति नायक और निश्का अग्रवाल क्वालिफिकेशन राउंड खेलेंगी। तैराकी में धाक्षण शशिकुमार और चैतन्य कुलकर्णी भी एक्शन में दिखाई देंगे। इसी दिन बॉक्सिंग में परवीन हुडा, अरुंधति चौधरी और लवलीना बोरगोहाई मुकाबले खेलेंगी।
26 से 28 जुलाई तक वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स का रोमांच
26 जुलाई को वेटलिफ्टिंग में रिशिकांत सिंह, मीराबाई चानू और एम राजा भारतीय चुनौती पेश करेंगे। बॉक्सिंग में कपिल पोखरिया और नरेंद्र बेरवाल भी रिंग में उतरेंगे। व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भारत का मुकाबला स्कॉटलैंड से होगा।
27 जुलाई को एथलेटिक्स में मुरली श्रीशंकर, पूजा सिंह और तेजस्विन शंकर मैदान में उतरेंगे। वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव और बिंदयारानी देवी भी पदक की दौड़ में रहेंगी। तैराकी में साजन प्रकाश 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में हिस्सा लेंगे।
28 जुलाई को सीमा पुनिया और मंजीत कौर एथलेटिक्स में चुनौती पेश करेंगी। तैराकी में श्रीहरि नटराज, बाउल्स में नवनीत सिंह और दिनेश कुमार तथा वेटलिफ्टिंग में हरजिंदर कौर भारतीय अभियान को आगे बढ़ाएंगी।
29 और 30 जुलाई को कई बड़े मुकाबले
29 जुलाई को बाउल्स, वेटलिफ्टिंग, स्विमिंग और एथलेटिक्स में भारत के कई खिलाड़ी मैदान में होंगे। संजना, दिलबाग सिंह, समरदीप गिल, तजिंदरपाल सिंह और अनिमेष कुजूर जैसे खिलाड़ी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में भाग लेंगे। तैराकी में आर्यन नेहरा और सुयश जाधव भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
30 जुलाई भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बेहद खास दिन रहेगा। ट्रैक साइक्लिंग के अलावा एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा और रोहित यादव जैवलिन थ्रो में उतरेंगे। वेटलिफ्टिंग में मार्टिना देवी और लवप्रीत सिंह भी पदक जीतने की कोशिश करेंगे।
31 जुलाई से 2 अगस्त तक पदकों पर रहेगा फोकस
31 जुलाई को मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले, ट्रैक साइक्लिंग और जूडो की कई स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे। अस्मिता देव, श्रद्धा चोपड़े और यामिनी मौर्य जूडो में भारत की उम्मीद होंगी।
1 अगस्त को एथलेटिक्स में शुभम जूयाल और प्रियंका गोस्वामी एक्शन में नजर आएंगे। जूडो के मेडल राउंड में अरुण कुमार, उन्नति शर्मा और हर्ष तोकस भी हिस्सा लेंगे।
2 अगस्त को जूडो की अंतिम स्पर्धाओं में अवतार सिंह और यश घंघास भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस दिन कई पदक मुकाबले होंगे और भारतीय खिलाड़ी अपने अभियान का समापन मजबूत प्रदर्शन के साथ करने की कोशिश करेंगे।
भारत को फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद
हालांकि इस बार कई लोकप्रिय खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं हैं, फिर भी भारतीय दल अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलन के साथ मैदान में उतरेगा। नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहाई और अन्य स्टार खिलाड़ियों से देश को पदकों की बड़ी उम्मीद रहेगी। यदि भारतीय खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहरा पाए, तो कम स्पर्धाओं के बावजूद भारत पदक तालिका में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
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