Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले डोपिंग विवाद, भारतीय खिलाड़ी पर गिरी गाज

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत से ठीक पहले भारतीय दल को तगड़ा झटका लगा है। देश के उभरते हुए स्टार जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार (73 किग्रा भारवर्ग) डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं

Commonwealth Games 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 23, 2026

Commonwealth Games 2026: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games 2026) की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस महाकुंभ में भारतीय दल एक बार फिर अपने शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन की उम्मीद लेकर मैदान में उतरने के लिए तैयार है। इस बार भारत के 125 जांबाज एथलीट्स अलग-अलग खेलों में अपनी चुनौती पेश करने वाले हैं। लेकिन इन खेलों की औपचारिक शुरुआत से ठीक पहले खेल जगत से भारत के लिए एक बेहद निराशाजनक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भारतीय दल का एक उभरता हुआ युवा सितारा डोप टेस्ट में फेल हो गया है, जिसके चलते उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम से बाहर कर दिया गया है। इस घटना का मानसिक असर कहीं न कहीं दल के अन्य खिलाड़ियों पर भी पड़ सकता है।

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जूडो स्टार अरुण कुमार का सफर हुआ खत्म

भारतीय खेल प्रेमियों को सबसे बड़ा झटका जूडो खेल में लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराने वाले देश के बेहतरीन जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। डोपिंग की इस मार के कारण अब उनका कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने का सपना पूरी तरह चकनाचूर हो गया है।

इस बेहद संवेदनशील और निराशाजनक खबर की पुष्टि खुद जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (JFI) के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने आधिकारिक तौर पर की है। अरुण कुमार ग्लासगो में पुरुषों के 73 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले थे और उन्हें पदक का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था।

अरुण कुमार ने 73 किलोग्राम भारवर्ग में पिछले कुछ समय में असाधारण खेल दिखाया था। साल 2026 में भी उनका शानदार फॉर्म जारी था, जहां उन्होंने प्रतिष्ठित ताशकंद ग्रैंड स्लैम में हिस्सा लेकर सातवां स्थान हासिल किया था। उनके इसी दमदार और निरंतर प्रदर्शन के बूते उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों का टिकट मिला था। खेल विश्लेषकों को पूरी उम्मीद थी कि वे ग्लासगो से मेडल जीतकर ही स्वदेश लौटेंगे, लेकिन इस प्रतिबंध ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

जूनियर स्तर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक अरुण का स्वर्णिम सफर

युवा जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार साल 2023 से ही अपने धमाकेदार और आक्रामक प्रदर्शन के दम पर लगातार खेल सुर्खियों में बने हुए थे। उन्होंने बेहद कम समय में जूडो की दुनिया में अपनी एक खास पहचान स्थापित कर ली थी:

मकाऊ जूनियर एशियन कप (2023): अरुण कुमार ने पहली बार वैश्विक स्तर पर तब सुर्खियां बटोरीं जब उन्होंने 73 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल (स्वर्ण पदक) अपने नाम किया। इस सफलता के बाद खेल जगत के कई दिग्गजों ने उन्हें भारतीय जूडो का भविष्य घोषित कर दिया था।

ताइपे एशियन ओपन (2025): अपनी फॉर्म को जारी रखते हुए अरुण ने साल 2025 में ताइपे एशियन ओपन में एक बार फिर सोने पर कब्जा किया और देश का मान बढ़ाया।

हॉन्ग कॉन्ग एशियन ओपन: इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने हॉन्ग कॉन्ग में हुए एशियन ओपन में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) जीता था।

लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे एक युवा खिलाड़ी का इस तरह ऐन वक्त पर डोप टेस्ट में फंसना न सिर्फ भारतीय दल के लिए बल्कि स्वयं अरुण कुमार के करियर के लिए एक बहुत बड़ा आघात है। इस प्रतिबंध के बाद निश्चित तौर पर उनका मनोबल पूरी तरह टूट गया होगा और भारतीय जूडो टीम को भी खेल शुरू होने से पहले ही एक तय मेडल का नुकसान उठाना पड़ा है।

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