NEET Paper Leak: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। संसद के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। देश भर में मचे इस भारी बवाल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर एक बड़ा ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक मामले के दोषियों को जल्द से जल्द और कठोरतम सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस बड़े ऐलान के तुरंत बाद केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन में आ गई है और देश के 4 प्रमुख राज्यों में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इन 4 राज्यों के हाई कोर्ट में गठित होंगी विशेष अदालतें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित और नियमित सुनवाई के लिए केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों और हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से विशेष अदालतों के गठन का अनुरोध करने जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरी धांधली को लेकर अब तक चार एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं।
इन मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करने के लिए निम्नलिखित हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है:
बॉम्बे हाई कोर्ट (इसके अधिकार क्षेत्र से जुड़े दो मामले सामने आए हैं)
कलकत्ता हाई कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट
इन विशेष अदालतों में मुकदमों की डे-टू-डे (नियमित) सुनवाई होगी ताकि बिना किसी देरी के कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके और पीड़ित छात्रों को त्वरित न्याय मिल सके।
क्या है सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024?
नीट पेपर लीक मामले के सभी आरोपियों पर अब नए और बेहद सख्त ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून, 2024’ के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इस नए कानून के प्रावधानों को भविष्य में होने वाली परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
इस कानून के तहत निम्नलिखित गतिविधियों को बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है:
संगठित नकल और सॉल्वर गैंग: परीक्षाओं में योजनाबद्ध तरीके से नकल कराने वाले या किसी और की जगह परीक्षा देने वाले सॉल्वर गैंग पर सख्त कार्रवाई।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का दुरुपयोग: परीक्षा केंद्रों पर ब्लूटूथ, गैजेट्स या अन्य अवैध इलेक्ट्रॉनिक साधनों का इस्तेमाल करना।
कड़ी सजा और भारी जुर्माना: कानून में दोषी पाए जाने वाले अपराधियों के लिए लंबी जेल की सजा के साथ-साथ भारी-भरकम आर्थिक दंड (जुर्माने) का कड़ा प्रावधान है।
यह कानून केवल नीट (NEET) परीक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश में आयोजित होने वाली अन्य सभी प्रमुख सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं को भी इसके दायरे में शामिल किया गया है, ताकि भविष्य में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।










