JP Nadda Press Conference: जेपी नड्डा के वार पर उमर अब्दुल्ला का बड़ा पलटवार, खोल दी एलजी शासन की फाइल

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के एसएसबी पेपर लीक दावों पर तीखा पलटवार किया है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नड्डा ने तारीख गलत बताई है, यह घटना 2022 की है जब राज्य में नेशनल कॉन्फ्रेंस नहीं बल्कि उपराज्यपाल (LG) का शासन था। उन्होंने केंद्र से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।

JP Nadda Press Conference

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 23, 2026

JP Nadda Press Conference: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य में हुए एसएसबी (SSB) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के दावों पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए परीक्षा में हुई धांधली की बात को तो स्वीकार किया, लेकिन साथ ही केंद्रीय मंत्री के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि यह घटना हाल-फिलहाल की नहीं बल्कि साल 2022 की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि जेपी नड्डा जी, जम्मू-कश्मीर में सरकारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की बात बिल्कुल सच है, लेकिन आपने इसकी तारीख और समय बताने में बड़ी गलती कर दी।

उमर अब्दुल्ला ने पूरे मामले का राजनीतिक सच जनता के सामने रखा

केंद्रीय मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के ठीक अगले दिन गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री C। उन्होंने जेपी नड्डा को याद दिलाते हुए लिखा कि साल 2022 में जम्मू-कश्मीर के भीतर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और कांग्रेस के गठबंधन की कोई सरकार अस्तित्व में नहीं थी। उस समय पूरी प्रशासनिक व्यवस्था और सत्ता की कमान सीधे तौर पर लेफ्टिनेंट गवर्नर (उपराज्यपाल) के हाथों में थी। उमर अब्दुल्ला ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र सरकार के तहत काम करने वाले प्रशासन की इस ऐतिहासिक नाकामी की तरफ देश का ध्यान आकर्षित करने के लिए वे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का सहृदय धन्यवाद करते हैं।

उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट को लेकर उमर अब्दुल्ला ने दागे तीखे सवाल

मुख्यमंत्री ने इस भर्ती घोटाले के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को रेखांकित करते हुए एक और बड़ा मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि उस समय इस परीक्षा धांधली को लेकर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की तरफ से बेहद सख्त टिप्पणियां और कानूनी आदेश जारी किए गए थे। उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि आज तक किसी को यह नहीं पता चल सका कि उस घोटाले की जांच के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) का क्या हुआ और उसकी रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आए? उन्होंने जेपी नड्डा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उम्मीद है केंद्रीय मंत्री अपनी अगली प्रेस वार्ता में इस गोपनीय जांच रिपोर्ट की जानकारी भी जनता के साथ साझा करेंगे।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का विपक्ष पर हमला

आपको बता दें कि यह पूरा सियासी घमासान बुधवार देर शाम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुरू हुआ। दरअसल, नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर संसद से सड़क तक विपक्ष के हंगामे का जवाब देने के लिए जेपी नड्डा मीडिया के सामने आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद के पटल पर देश में लगभग 150 पेपर लीक होने का भ्रामक प्रस्तुतीकरण दिया। नड्डा ने पलटवार करते हुए जम्मू-कश्मीर सहित हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक जैसे तमाम गैर-एनडीए (Non-NDA) शासित राज्यों में पूर्व में हुई परीक्षा गड़बड़ियों और घोटालों की लंबी सूची गिनाई थी।

विपक्ष के सिलेक्टिव रवैये पर जेपी नड्डा के सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया था कि देश के भीतर परीक्षा प्रणाली में जो भी कमियां हैं, हमारी सरकार उन सभी पहलुओं की गहन जांच कराकर सत्य को जनता के समक्ष प्रस्तुत करेगी ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नीयत पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर उनका यह रवैया इतना सेलेक्टिव (चयनात्मक) क्यों है? जेपी नड्डा ने पूछा कि राहुल गांधी देश को यह क्यों नहीं बताते कि जब केंद्र में कांग्रेस नीत यूपीए (UPA) की सरकार थी या जिन राज्यों में उनके समर्थित दल सत्ता में हैं, वहां हुए भर्ती घोटालों पर वे आज तक खामोश क्यों बैठे हैं?