MP News: भोपाल की सड़कों पर उतरी हजारों महिलाएं, मुख्यमंत्री ने बोला तीखा हमला

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित न होने के विरोध में भोपाल में भाजपा ने 'जन-आक्रोश महिला पदयात्रा' निकाली। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस और प्रियंका गांधी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों को कुचला है और नारी शक्ति इस अपमान का बदला लोकतांत्रिक तरीके से लेगी।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 20, 2026

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सड़कें सोमवार को महिलाओं के आक्रोश से गूंज उठी। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित न हो पाने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ का विशाल आयोजन किया। एमवीएम ग्राउंड से रोशनपुरा चौराहे तक निकाली गई इस पदयात्रा में हजारों की संख्या में महिलाओं के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए इसे लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया और नारी शक्ति के अपमान का आरोप लगाया।

विपक्ष पर राजनीतिक हमला

रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस आलाकमान पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस की महिला विरोधी राजनीति और प्रियंका गांधी के खोखले वादे का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों का मजाक उड़ाया है। सीएम ने कहा, “प्रियंका गांधी कहती थीं ‘मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं’, लेकिन आज जब बहनों के अधिकारों का गला घोंटा गया, तो वह चुप क्यों हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन विधेयक को गिराना कांग्रेस की पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जैसे उनके पूर्वजों ने ‘तीन तलाक’ कानून का विरोध कर महिलाओं के हक पर डाका डाला था।

महिलाओं के अधिकारों का दमन करने वालों को सजा की चेतावनी

मुख्यमंत्री ने मंच से अत्यंत कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि बहनों की इच्छा का दमन और अधिकारों का हनन करने वालों को देश कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के साथ अन्याय करने वालों को “कब्र से निकालकर भी सजा दी जाएगी।” डॉ. यादव ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपना आक्रोश कम न होने दें और इसे देश के सामने मजबूती से रखें। उन्होंने संकल्प लिया कि भाजपा सड़क से संसद तक लोकतांत्रिक विरोध जारी रखेगी और कांग्रेस को उसके इन कर्मों की भारी कीमत चुकानी होगी।

नारी समानता के लिए ऐतिहासिक संघर्षों का उल्लेख

अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने भारत के उन महापुरुषों को याद किया जिन्होंने नारी सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार (Women empowerment and Social reforms) के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने राजा राम मोहन राय द्वारा सती प्रथा के अंत, ज्योतिबा फुले द्वारा महिला शिक्षा और डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला हितैषी दृष्टिकोण (PM Narendra Modi’s pro-women vision) की सराहना करते हुए कहा कि मोदी जी ने हमेशा महिलाओं को उनका हक दिलाने की वकालत की है। उन्होंने पीएम मोदी की बात दोहराते हुए कहा, “नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती,” और अब यही अपमान कांग्रेस के पतन का कारण बनेगा।