Chhindwara News: पलटी हुई बस के नीचे फंसे लोगों को बचाया, CM ने पुलिसकर्मियों को पुरस्कार देने का किया ऐलान

छिंदवाड़ा बस हादसे में पीटीएस (PTS) रीवा के 113 पुलिस जवानों ने अदम्य साहस की मिसाल पेश की है। बिना जूते पहने सड़क पर बिखरे कांच के टुकड़ों पर दौड़कर और अपने बाहुबल से पलटी हुई बस को उठाकर जवानों ने करीब 40 लोगों की जान बचाई।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 29, 2026

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Chhindwara News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में खाकी वर्दी का एक ऐसा मानवीय और जांबाज चेहरा सामने आया है, जिसने पूरे सूबे का दिल जीत लिया है। सिमरिया के पास हुए एक भीषण बस हादसे में पीटीएस (PTS) रीवा के पुलिस जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने पैरों में जूते न होने के बावजूद सड़क पर बिखरे कांच के टुकड़ों की परवाह नहीं की और घायलों को बचाने के लिए दौड़ पड़े। पुलिसकर्मियों के इसी अदम्य साहस और समर्पण को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 113 पुलिस जवानों को नकद पुरस्कार देने की बड़ी घोषणा की है।

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क्या था पूरा मामला?

पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह घटना उस वक्त की है जब मुख्यमंत्री मोहन यादव पांढुर्णा और छिंदवाड़ा जिले के दौरे पर थे। उनके इस वीआईपी (VIP) भ्रमण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में पीटीएस रीवा (पुलिस ट्रेनिंग स्कूल) का बल तैनात किया गया था।

मुख्यमंत्री का कार्यक्रम खत्म होने के बाद सुरक्षा बल वापस लौट रहा था। उसी दौरान सिमरिया के पास लाभार्थियों को लेकर जा रही एक बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई और एक बड़ा हादसा हो गया। गनीमत यह थी कि पीटीएस रीवा के जवानों का वाहन ठीक उसी बस के पीछे चल रहा था।

जैसे ही जवानों ने अपनी आंखों के सामने इस खौफनाक मंजर को देखा, वे बिना एक पल गंवाए एक्शन में आ गए। नियमानुसार उस वक्त जवान आराम की स्थिति में थे और उन्होंने जूते नहीं पहने थे। लेकिन संकट की इस घड़ी में उन्होंने जूते पहनने तक का इंतजार नहीं किया और जिस हाल में थे, उसी हाल में बस की तरफ दौड़ पड़े।

बाहुबल से उठा दी बस, बचाई 40 जिंदगियां

हादसे के बाद सड़क पर हर तरफ कांच के टुकड़े और नुकीले पत्थर बिखरे हुए थे। नंगे पैर होने के बावजूद जवानों ने इसकी परवाह नहीं की और घायलों तक पहुंचे। जवानों ने तुरंत आपातकालीन नंबर (डायल-112) को सूचना दी। क्रेन या कटर आने का इंतजार किए बिना, पूरे पुलिस बल ने मिलकर अपना पूरा जोर लगाया और पलटी हुई भारी-भरकम बस को हाथों के दम पर करीब 3 फीट तक ऊपर उठा दिया। बस को ऊपर उठाकर उसके नीचे दबे और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जवानों की इस तत्परता और जांबाजी के कारण करीब 40 लोगों की जिंदगी सुरक्षित बच सकी। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री ने थपथपाई पीठ

संकट के समय पुलिस की इस सूझबूझ और जांबाजी की चौतरफा तारीफ हो रही है। आम जनता के साथ-साथ स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इन जवानों की खुले दिल से सराहना की है। पुलिस विभाग ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल रहे कुल 113 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नकद पुरस्कार से सम्मानित करने का विभागीय आदेश जारी कर दिया है।

रीवा पीटीएस के इन जांबाजों ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस की वर्दी सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने और अनुशासन का प्रतीक नहीं है, बल्कि मुसीबत में फंसे आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच और सहारा भी है।

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