Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा में पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 50 लाख रुपये का नुकसान

फैक्ट्री संचालक ने नगर निगम की देरी पर नाराजगी जताई और बताया कि सूचना देने के लगभग एक घंटे बाद ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।

Chhindwara Fire

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 24, 2026

Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा जिले के इमलीखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार को बड़ी आग लग गई, जिसने फैक्ट्री परिसर को क्षतिग्रस्त कर दिया। यह इंडस्ट्रियल एरिया जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है। आग उस समय भड़क उठी जब गुप्ता इंडस्ट्रीज नामक प्रमुख पीवीसी पाइप फैक्ट्री में प्लास्टिक और केमिकल स्टॉक मौजूद था। इसके चलते आग तेजी से फैल गई और लगभग 20 हजार स्क्वायर फीट में फैले फैक्ट्री परिसर को लपेट लिया।

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भीषण धुआं और ग्रामीणों की भीड़

Chhindwara Fire
छिंदवाड़ा में पाइप फैक्ट्री में भीषण आग

आसमान में उठता काला धुआं एक किलोमीटर दूर से भी नजर आ रहा था। आग की भयंकर लपटों को देखकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर इकट्ठा हो गए। फैक्ट्री संचालक प्रकाश गुप्ता के अनुसार आग की शुरुआत सुबह लगभग 10 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में फायर प्रोटेक्शन सिस्टम मौजूद था, लेकिन जैसे ही आग भड़की, पावर सप्लाई बंद हो गई और पंप काम नहीं कर सके। इस कारण फैक्ट्री का अधिकांश सामान जल गया।

दमकल की देर से प्रतिक्रिया

प्रकाश गुप्ता ने नगर निगम की देरी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की लपटों के बीच उन्होंने साहसिक कदम उठाते हुए जेसीबी की मदद से ऑफिस की बाउंड्रीवाल तोड़वाई और करीब 4 लाख रुपये नगद को सुरक्षित बाहर निकाला। इस अग्निकांड में अनुमानित 40 से 50 लाख रुपये का माल जलकर राख हो गया।

मौके पर एसडीएम और पुलिस बल की मौजूदगी

एसडीएम सुधीर जैन और कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। एसडीएम ने बताया कि दोपहर 12 बजे आग की सूचना मिली। तत्काल छिंदवाड़ा नगर निगम के अलावा अमरवाड़ा, चौरई और परासिया से भी दमकलें बुलाई गईं। कुल 12 फायर ब्रिगेड की मदद से पानी और फोम मिलाकर करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग को काबू में किया गया। अन्य फैक्ट्रियों को सुरक्षित रखने के लिए ज्वलनशील पदार्थ पहले ही हटवा दिए गए थे।

औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा के मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम के फायर इंचार्ज अभिनव दुबे ने बताया कि फैक्ट्री सहित कई इकाइयों ने अनिवार्य फायर सेफ्टी NOC नहीं ली थी। निगम ने पहले भी कई बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन निर्देशों की अनदेखी की गई।

नुकसान का आकलन और तकनीकी जांच

पुलिस और प्रशासन घटना के नुकसान का आकलन कर रहे हैं। इसके साथ ही आग लगने के कारणों की तकनीकी जांच भी जारी है। इस आगजनी की घटना ने औद्योगिक सुरक्षा और नगर निगम की निगरानी की कमियों को उजागर कर दिया है।

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