Chhattisgarh News : 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ में खास आयोजन, 25 हजार दीयों से जगमगाएगा रायपुर शहर

17 सितंबर को छत्तीसगढ़ में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत होगी। प्रदेशभर में करीब 36 लाख दीये जलाने की तैयारी है। हर बूथ पर कम से कम 100 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें कई जनभागीदारी कार्यक्रम शामिल होंगे।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 10, 2026

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ में इस साल दिवाली से पहले ही दीपों की रोशनी का खास नजारा देखने को मिलेगा। 17 सितंबर को प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करने और विकसित भारत-2047 के संकल्प को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थलों को दीयों से सजाने की तैयारी है।

रायपुर में 25 हजार दीये जलाने की तैयारी

रायपुर में कलेक्टर गौरव सिंह के नेतृत्व में करीब 25 हजार दीये जलाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अधिक से अधिक नागरिकों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से लोगों को शासन की योजनाओं और उनसे हो रहे बदलावों की जानकारी भी मिलनी चाहिए।

युवा, बच्चे, महिलाएं और किसान भी होंगे अभियान में शामिल

मुख्यमंत्री ने अभियान के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इसके तहत युवाओं, बच्चों, महिलाओं, किसानों और अन्य वर्गों के लिए अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी बढ़ाने के साथ सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है।

‘आशीर्वाद का दीया’ से होगी अभियान की शुरुआत

सेवा संकल्प अभियान का औपचारिक शुभारंभ 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। शाम के समय जिले के परिवारों को दीप प्रज्वलित कर अभियान से जोड़ने की योजना बनाई गई है। अभियान में जलाया जाने वाला प्रत्येक दीप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा कार्यों के प्रति नागरिकों के आभार और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक होगा।

घर-घर पहुंचकर लोगों को अभियान से जोड़ेगा मैदानी अमला

अभियान को व्यापक जनभागीदारी देने के लिए मैदानी स्तर पर भी प्रयास किए जाएंगे। संबंधित कर्मचारी और अमला घर-घर पहुंचकर परिवारों को कार्यक्रम की जानकारी देंगे। साथ ही लोगों को दीप प्रज्वलित कर अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि कार्यक्रम का संदेश अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे और इसे सामूहिक भागीदारी का स्वरूप मिले।

बच्चों के सपनों में दिखाई देगा विकसित भारत

17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के तहत शासकीय और निजी स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। बच्चों को विकसित भारत को लेकर अपनी कल्पना और सोच को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।

चयनित कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी

स्कूली बच्चों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों में से चयनित作品ों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ विकसित भारत की उनकी कल्पना को समाज के सामने लाना है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को देश के भविष्य और विकास से जुड़े विषयों पर सोचने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

नुक्कड़ नाटकों से बताई जाएगी सरकारी योजनाओं की कहानी

‘नमो सेवा गाथा’ के तहत प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं, उनकी पात्रता और योजनाओं से लाभ प्राप्त करने वाले लोगों की कहानियों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

आंगनवाड़ी केंद्रों में होगा ‘आंगन का उत्सव’

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के दौरान पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण और महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की वास्तविक सफलता की कहानियां भी सामने लाई जाएंगी।

जनभागीदारी से मजबूत होगा सेवा और संकल्प का संदेश

पूरे ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य सेवा, सहभागिता और संकल्प की भावना को जनभागीदारी के जरिए मजबूत करना है। दीप प्रज्वलन से लेकर स्कूल प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों और आंगनवाड़ी कार्यक्रमों तक अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से लोगों को अभियान से जोड़ने की तैयारी है। सरकार का जोर है कि कार्यक्रमों के जरिए योजनाओं की जानकारी और विकसित भारत का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचे।

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