BRICS 2026 : नई दिल्ली 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले BRICS Summit की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत मंडपम को शिखर सम्मेलन के लिए विशेष रूप से सजाया गया है और आयोजन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। भारत की मेजबानी में होने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन पर वैश्विक समुदाय की नजर बनी हुई है।
मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की मौजूदगी से बढ़ा महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित मौजूदगी सम्मेलन को बेहद महत्वपूर्ण बना रही है। खासतौर पर तीनों नेताओं की संभावित आमने-सामने की बैठक को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्सुकता है। माना जा रहा है कि ऐसी मुलाकात क्षेत्रीय और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर अहम संदेश दे सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने तैयारियों का वीडियो किया साझा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत मंडपम में चल रही तैयारियों का एक 26 सेकंड का वीडियो साझा किया। इस वीडियो में आयोजन स्थल की सजावट, व्यवस्थाओं और सम्मेलन से पहले की तैयारियों की झलक दिखाई गई। प्रधानमंत्री ने वीडियो के साथ लिखा, “BRICS 2026 के लिए सब तैयार है!”
राजधानी में सुरक्षा का अभूतपूर्व इंतजाम
BRICS Summit को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। एयरपोर्ट, प्रमुख होटलों और भारत मंडपम के आसपास 25 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी शामिल हैं, जबकि अन्य सुरक्षा जिम्मेदारियां अर्धसैनिक बलों के जवान संभाल रहे हैं।

दिल्ली को कई सुरक्षा सेक्टरों में बांटा गया
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजधानी को अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर की निगरानी डीसीपी या एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। एयरपोर्ट से लेकर होटलों और भारत मंडपम तक सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रखेंगी।
पुतिन और शी जिनपिंग के आगमन पर विशेष नजर
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 11 सितंबर को दिल्ली पहुंचने की संभावना है, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 12 सितंबर को राजधानी आने की उम्मीद जताई गई है। दोनों नेताओं के पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने के बाद चाणक्यपुरी स्थित होटलों में जाने की योजना बताई गई है।

विदेशी सुरक्षा दलों ने संभाली जिम्मेदारियां
रूस और चीन के राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा के लिए दोनों देशों की विशेष सुरक्षा टीमें पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं। इन टीमों ने संबंधित होटलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेकर जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। राष्ट्राध्यक्षों के ठहरने वाले हिस्सों के अलावा होटल की छत और ग्राउंड फ्लोर तक सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया है।
All set for BRICS 2026!@BricsIndia2026 pic.twitter.com/nXqqoBmoAm
— Narendra Modi (@narendramodi) September 10, 2026
विदेशी मेहमानों के लिए अलग-अलग होटल निर्धारित
BRICS Summit में भाग लेने वाले विदेशी नेताओं और प्रतिनिधियों के ठहरने के लिए नई दिल्ली के कई प्रमुख होटलों को चुना गया है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति, इथियोपिया के प्रधानमंत्री, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति और थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री के एक होटल में ठहरने की योजना है। वहीं अबूधाबी के क्राउन प्रिंस समेत कुछ अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों के लिए अलग होटल निर्धारित किया गया है।
पुतिन के ठहराव को लेकर भी विशेष व्यवस्था
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ठहरने के लिए भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, वह बांग्लादेश के वीआईपी मेहमानों के साथ एक ही होटल में ठहर सकते हैं। विदेशी प्रतिनिधियों के काफिले की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त की गई है।

शनिवार को दोपहर पहुंचेंगे कई शीर्ष नेता
शनिवार को विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के भारत मंडपम पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, मेहमानों के दोपहर करीब 1:30 बजे से 2:15 बजे के बीच आयोजन स्थल पहुंचने की संभावना है। उनके स्वागत और सुरक्षित आवागमन के लिए प्रोटोकॉल तथा सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष तैयारियां की हैं।
रविवार सुबह भी जारी रहेगा नेताओं का आगमन
रविवार सुबह भी विदेशी नेताओं के भारत मंडपम पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। कार्यक्रम के अनुसार, विभिन्न राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख सुबह 8:50 बजे से 9:25 बजे के बीच आयोजन स्थल पहुंच सकते हैं। इसके बाद सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, रणनीतिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
भारत की कूटनीतिक भूमिका पर दुनिया की नजर
BRICS Summit 2026 भारत के लिए केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नहीं, बल्कि अपनी कूटनीतिक और रणनीतिक भूमिका को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात के साथ-साथ अन्य देशों के शीर्ष नेताओं की भागीदारी से सम्मेलन का महत्व और बढ़ गया है। अब सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाली चर्चाओं और संभावित महत्वपूर्ण फैसलों पर टिकी हैं।
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