80s AI Trend: छत्तीसगढ़ में वायरल हुआ रेट्रो अंदाज, CM से आम लोगों तक दिखा पुराना दौर

छत्तीसगढ़ में 80s AI ट्रेंड ने सोशल मीडिया पर नई हलचल पैदा कर दी है। AI की मदद से मुख्यमंत्री और आम लोगों की तस्वीरों को 1980 के दशक के रेट्रो अंदाज में बदला जा रहा है। विंटेज फैशन, पुराने रंग और नॉस्टैल्जिया वाली तस्वीरें लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

80s AI Trend

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 10, 2026

80s AI Trend : सोशल मीडिया पर इन दिनों 80 के दशक की यादें एक बार फिर ताजा हो रही हैं। फेसबुक समेत दूसरे प्लेटफॉर्म पर चल रहे एट्टीज ट्रेंड में लोग अपनी मौजूदा तस्वीरों को 1980 के दशक के अंदाज में बदलकर साझा कर रहे हैं। इस ट्रेंड ने आम लोगों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कई चर्चित राजनीतिक चेहरों को भी अपनी ओर आकर्षित किया है।

सीएम विष्णुदेव साय समेत कई नेताओं की तस्वीरें वायरल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा विजय शर्मा की तस्वीरें भी इस रेट्रो ट्रेंड का हिस्सा बनी हैं। इन तस्वीरों को सोशल मीडिया यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी अपनी तस्वीर साझा की है। नेताओं की इन रेट्रो तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर 80 के दशक के लुक को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।

तस्वीरों में दिख रहा है 1980 के दशक का खास अंदाज

एट्टीज ट्रेंड में तस्वीरों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि उनमें 1980 के दशक की स्पष्ट झलक दिखाई दे। पुराने जमाने के कपड़े, अलग तरह के हेयरस्टाइल, बड़े फ्रेम वाले चश्मे, विंटेज बैकग्राउंड और उस समय के कैमरों जैसी फोटो क्वालिटी इसमें खास आकर्षण बन रही है। कई तस्वीरों में पुराने रंग और फिल्म कैमरा इफेक्ट भी जोड़े जा रहे हैं।

उम्र की सीमा नहीं, हर पीढ़ी ले रही है हिस्सा

इस ट्रेंड की सबसे खास बात यह है कि इसमें उम्र की कोई सीमा नहीं है। युवा पीढ़ी जहां 80 के दशक के फैशन और विंटेज स्टाइल को नए अनुभव के तौर पर अपना रही है, वहीं 40 और 50 वर्ष की उम्र के लोग इन तस्वीरों के जरिए अपने बचपन और पुराने दिनों को याद कर रहे हैं। कई यूजर्स अपनी वर्तमान तस्वीर और उसका रेट्रो वर्जन एक साथ पोस्ट कर रहे हैं।

AI ने पुराने जमाने की तस्वीर बनाना किया आसान

एट्टीज ट्रेंड को लोकप्रिय बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI फोटो एडिटिंग टूल्स की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। अब 1980 के दशक जैसा फोटो लुक तैयार करने के लिए फोटो स्टूडियो जाने या घंटों एडिटिंग करने की जरूरत नहीं पड़ती। कुछ निर्देश देकर AI टूल्स तस्वीर में उस दौर के कपड़े, हेयरस्टाइल, बैकग्राउंड, रंग और कैमरा इफेक्ट जोड़ सकते हैं।

फोटो एडिटिंग से ज्यादा यादों का आकर्षण

इस ट्रेंड को केवल फैशन या तकनीक से जोड़कर देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी। इसके पीछे नॉस्टैल्जिया यानी पुरानी यादों का आकर्षण भी एक बड़ा कारण है। अस्सी का दशक देख चुके लोगों के लिए ऐसी तस्वीरें बचपन, स्कूल, परिवार, दोस्तों, पुराने मोहल्लों और उस समय की जीवनशैली से जुड़ी यादें वापस ले आती हैं।

नई पीढ़ी के लिए 80s बना विंटेज फैशन

वहीं नई पीढ़ी के लिए 80 का दशक एक अलग तरह का विंटेज अनुभव है। उस दौर के कपड़े, हेयरस्टाइल, चश्मे और फोटो क्वालिटी आज के डिजिटल युग से बिल्कुल अलग नजर आते हैं। यही अंतर युवाओं को आकर्षित कर रहा है। सोशल मीडिया पर रेट्रो तस्वीरें साझा करना उनके लिए पुराने दौर को नए अंदाज में देखने का जरिया बन गया है।

पुरानी यादें दे रही हैं भावनात्मक सुकून

तेज रफ्तार जिंदगी और लगातार बदलती तकनीक के बीच पुराने दिनों की यादें लोगों को भावनात्मक जुड़ाव और सुकून देती हैं। जब कोई व्यक्ति खुद को 80 के दशक के लुक में देखता है, तो उसके मन में बचपन, परिवार और पुराने रिश्तों से जुड़ी यादें उभर सकती हैं। सोशल मीडिया ने इस व्यक्तिगत अनुभव को दूसरों के साथ साझा करने का मंच भी उपलब्ध कराया है।

AI और सोशल मीडिया ने बनाया यादों का नया जरिया

एट्टीज ट्रेंड यह दिखाता है कि आधुनिक तकनीक केवल भविष्य की ओर देखने का माध्यम नहीं है, बल्कि वह लोगों को अतीत से जोड़ने का जरिया भी बन सकती है। AI की मदद से पुरानी शैली को दोबारा तस्वीरों में उतारना आसान हो गया है। यही वजह है कि 80 के दशक का यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लोग अपनी पुरानी यादों को नए डिजिटल अंदाज में साझा कर रहे हैं।

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