Char Dham Yatra 2026: चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, 50 लाख के करीब पहुंचा श्रद्धालुओं का आंकड़ा

Char Dham Yatra 2026: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का पहला चरण अपने अंतिम दौर में है और श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख के करीब पहुंच चुकी है। 15 सितंबर से शुरू होने वाले दूसरे चरण को लेकर तैयारियां तेज हैं। भीड़ प्रबंधन, सुगम दर्शन, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर खास फोकस रहेगा।

चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 9, 2026

Char Dham Yatra 2026: चारधाम यात्रा का पहला चरण अब समाप्ति की ओर है और 15 सितंबर से यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इस बार यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड के चारधाम पहुंच रहे हैं। पहले चरण में दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या करीब 50 लाख तक पहुंच गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यात्रा इस बार भी नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ती नजर आ रही है। दूसरे चरण में यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए बदरीनाथ और केदारनाथ समेत अन्य धामों में व्यवस्थाओं को और बेहतर करने की तैयारी की जा रही है। बीकेटीसी का कहना है कि श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी के साथ दर्शन कराना उसकी प्राथमिकता है।

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दूसरे चरण के लिए क्या है तैयारी?

चारधाम यात्रा का संचालन व्यवस्थित तरीके से
चारधाम यात्रा का संचालन व्यवस्थित तरीके से

बीकेटीसी अध्यक्ष के मुताबिक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। मानसून के दौरान भी यात्रा को सुचारू बनाए रखने की कोशिश की गई और अब मौसम में सुधार के साथ श्रद्धालुओं की संख्या फिर बढ़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा हो चुकी है। दूसरे चरण में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

लंबी कतारों से राहत देने की कोशिश

केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में घंटों कतार में खड़े रहने की समस्या को कम करने के लिए मंदिर समिति कई स्तर पर व्यवस्थाओं में बदलाव कर रही है। बीकेटीसी के अनुसार मंदिरों में वीआईपी संस्कृति को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं की। 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने आम श्रद्धालुओं की तरह कतार में लगकर दर्शन किए और करीब एक मिनट में मंदिर से बाहर आ गए।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिरों में सुबह और शाम होने वाली कुछ पूजाओं के समय में भी बदलाव किया गया है, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को निर्धारित समय में दर्शन का अवसर मिल सके।

धामों की सुरक्षा पर भी खास फोकस

बीकेटीसी के अंतर्गत बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित कुल 45 मंदिर आते हैं। इन मंदिरों और विशेष रूप से संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर अलग रोडमैप तैयार किया गया है। सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बीकेटीसी की ओर से एआई आधारित प्रणालियों को भी अपनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ किसी भी संभावित स्थिति पर तेजी से नजर रखना है।

तीर्थपुरोहितों और हकहकूकधारियों के लिए कल्याण कोष

यात्रा व्यवस्था के साथ बीकेटीसी तीर्थपुरोहितों और हकहकूकधारियों के हितों पर भी ध्यान दे रही है। पहली बार इनके लिए कल्याण कोष बनाए जाने की जानकारी दी गई है। इस कोष के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में तीर्थपुरोहितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा मंदिर समिति के कर्मचारियों के लिए भी अलग कल्याण कोष बनाने पर विचार किया जा रहा है।

सुगम दर्शन पर सबसे ज्यादा जोर

सुगम दर्शन पर सबसे ज्यादा जोर
सुगम दर्शन पर सबसे ज्यादा जोर

बीकेटीसी अध्यक्ष के मुताबिक चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या सरकार और मंदिर समिति के लिए बड़ी जिम्मेदारी भी है। यही वजह है कि दूसरे चरण में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। बीकेटीसी का लक्ष्य है कि बढ़ती भीड़ के बावजूद यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल में दर्शन कराए जाएं। यात्रा के दूसरे चरण में व्यवस्थाओं की असली परीक्षा भी इसी बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच होने वाली है।

Chardham Yatra 2026: केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत