CBSE New Guidelines: सिर्फ एक विषय में नंबर सुधार! जानें क्या कहती है नई गाइडलाइन

सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब छात्र सिर्फ एक विषय में ही सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर नंबर सुधार कर सकेंगे। मल्टीपल सब्जेक्ट सुधार की अनुमति नहीं होगी। 10वीं की नीति पहले जैसी रहेगी। नई नीति 12वीं के छात्रों के लिए स्पष्ट दिशा देती है।

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

फ़रवरी 17, 2026

CBSE New Guidelines: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 2026 से बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े महत्वपूर्ण बदलावों को स्पष्ट किया है। 12वीं के छात्र अब सप्लीमेंट्री परीक्षा में केवल एक ही विषय में नंबर सुधार कर सकते हैं। वहीं 10वीं के छात्रों के लिए पहले जैसी दो परीक्षा की नीति लागू रहेगी। इस बदलाव के पीछे बोर्ड का उद्देश्य छात्र को बेहतर प्रदर्शन का मौका देने के साथ परीक्षा प्रक्रिया को और व्यवस्थित बनाना है।

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12वीं के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री नियम

सीबीएसई के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन संयम भारद्वाज के अनुसार, 12वीं के छात्र जुलाई 2026 में होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में सिर्फ एक विषय में सुधार कर सकेंगे। यदि कोई छात्र एक से अधिक विषय में इंप्रूवमेंट करना चाहता है, तो उसे अगले वर्ष फरवरी में होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा में बैठना होगा। सप्लीमेंट्री परीक्षा में मल्टीपल सब्जेक्ट सुधार की अनुमति नहीं होगी।

बोर्ड ने बताया कि 12वीं की इंप्रूवमेंट परीक्षा 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद छात्र इंप्रूवमेंट या कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। रिजल्ट जारी होने के समय विस्तृत दिशा-निर्देश भी बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया कि दो परीक्षा की व्यवस्था केवल 10वीं कक्षा के लिए लागू होगी, 12वीं के छात्रों पर यह नीति लागू नहीं होगी।

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10वीं कक्षा में इंप्रूवमेंट का तरीका

10वीं कक्षा में इंप्रूवमेंट का तरीका
10वीं कक्षा में इंप्रूवमेंट का तरीका

आपको बता दें कि, 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए इंप्रूवमेंट परीक्षा मुख्य परीक्षा के बाद आयोजित दूसरी बोर्ड परीक्षा मानी जाएगी। मुख्य परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद लगभग 10 दिन की आवेदन विंडो खोली जाएगी, जिसमें छात्र संभावित रिजल्ट के आधार पर दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र अपने नंबरों को देखकर भी आवेदन कर सकते हैं। दूसरी परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित फीस का भुगतान अनिवार्य होगा। केवल फीस जमा करने वाले छात्र ही परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे।

प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए नियम

सीबीएसई ने प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र सिर्फ दो विषयों में परीक्षा देता है, तो मार्कशीट में केवल उनके नंबर दर्ज होंगे, बोर्ड प्रतिशत की गणना नहीं करेगा। प्रतिशत निकालने का तरीका संबंधित विश्वविद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थान या नौकरी देने वाले संगठन के नियमों पर निर्भर करेगा। छात्र अपने एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के अनुसार प्रतिशत की गणना कर सकते हैं।

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मुख्य बातें

  • 12वीं के छात्र सप्लीमेंट्री में सिर्फ एक विषय में इंप्रूवमेंट दे सकेंगे।
  • मल्टीपल सब्जेक्ट सुधार के लिए मुख्य परीक्षा में शामिल होना होगा।
  • 12वीं की इंप्रूवमेंट परीक्षा 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित।
  • 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए दो परीक्षा की नीति पहले जैसी लागू रहेगी।
  • प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए प्रतिशत का हिसाब संबंधित संस्था के नियमों पर निर्भर।
  • फीस जमा करना इंप्रूवमेंट में शामिल होने के लिए अनिवार्य।
  • रिजल्ट आने के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश बोर्ड द्वारा जारी होंगे।