Chhattisgarh Politics : रायपुर लोकसभा सीट से सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल को केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर उनकी जिम्मेदारियों का दायरा और बढ़ गया है। राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अग्रवाल की इस भूमिका को छत्तीसगढ़ के लिए भी अहम माना जा रहा है।
किरेन रिजिजू हैं समिति के अध्यक्ष
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति के अध्यक्ष केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू हैं। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन समिति के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समिति में बृजमोहन अग्रवाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। लंबे राजनीतिक अनुभव और सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजभाषा हिंदी के इस्तेमाल को मिलेगा बढ़ावा
हिन्दी सलाहकार समिति का प्रमुख उद्देश्य केंद्र सरकार के मंत्रालय में राजभाषा से संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। समिति राजभाषा अधिनियम और उससे जुड़े नियमों के पालन की दिशा में भी काम करती है। इसके अलावा मंत्रालय के प्रशासनिक कार्यों, सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में हिन्दी के अधिक से अधिक और प्रभावी इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना भी समिति की जिम्मेदारी है।
छत्तीसगढ़ की आवाज को राष्ट्रीय मंच मिलेगा
बृजमोहन अग्रवाल की नियुक्ति को छत्तीसगढ़ के राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है। राज्य की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। रायपुर लोकसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले अग्रवाल केंद्र की महत्वपूर्ण गतिविधियों में शामिल होकर प्रदेश से जुड़े मुद्दों और जनता की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखने में भूमिका निभा सकते हैं।

हिंदी को बताया राष्ट्रीय एकता का माध्यम
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने हिन्दी को भारत की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकता से जोड़ने वाला माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि हिन्दी सिर्फ संवाद की भाषा नहीं, बल्कि देश के लोगों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सेतु है। उनके अनुसार, मंत्रालय के कामकाज में राजभाषा हिन्दी का अधिक इस्तेमाल होने से सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम नागरिकों तक सरल और पारदर्शी तरीके से पहुंचाई जा सकेगी।
जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाने का संकल्प
बृजमोहन अग्रवाल ने नई जिम्मेदारी के लिए केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो दायित्व सौंपा गया है, उसका निर्वहन पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करेंगे। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का आभार व्यक्त किया।

आठ बार विधायक रह चुके हैं अग्रवाल
बृजमोहन अग्रवाल छत्तीसगढ़ के रायपुर से लोकसभा सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह लगातार आठ बार विधायक रह चुके हैं और मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ सरकारों में कई महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने रायपुर सीट से बड़ी जीत दर्ज कर संसद में प्रवेश किया। जमीनी पकड़ और लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण उन्हें छत्तीसगढ़ की राजनीति का प्रभावशाली नेता माना जाता है।
राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ता प्रभाव
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति में शामिल किए जाने को बृजमोहन अग्रवाल की राष्ट्रीय भूमिका के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी प्रशासनिक समझ, राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक सक्रियता को देखते हुए नई जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। नियुक्ति से यह भी संकेत मिलता है कि केंद्र में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
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