Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर में पहले दिन से चल रहा था खेल? बृजभूषण शरण सिंह के खुलासे से मची हलचल

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक बयान सियासी तूफ़ान ले आया है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर में 'खेल' पहले दिन से चल रहा था और वे इस पर चार साल पहले ही चेतावनी दे चुके थे। प्रभावशाली लोगों से खतरे के डर से उन्होंने अब तक चुप्पी साधे रखी थी।

Ram Mandir Donation Row

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 4, 2026

Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले ने अब एक नया और तीखा मोड़ ले लिया है। इस पूरे विवाद में भाजपा के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह के ताजा बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बेबाकी से कहा, “मुझे जो बोलना था, मैं चार साल पहले ही बोल चुका था। मैं आज तक रामजन्मभूमि दर्शन के लिए नहीं गया क्योंकि वहां पहले दिन से ही खेल चल रहा था।” उनके इस बयान ने न केवल मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं, बल्कि इस घोटाले की जड़ों को और गहरा कर दिया है।

विवादों के घेरे में मंदिर प्रबंधन

बताते चले कि, राम मंदिर में चढ़ावे में चोरी का यह मामला सबसे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए जाने के बाद सुर्खियों में आया था। शुरुआत में मंदिर प्रबंधन और भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया था। हालांकि, जैसे ही सीसीटीवी फुटेज सामने आए और कई कर्मचारियों के आवासों से भारी मात्रा में नगदी बरामद हुई, प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जो अब पूरी मुस्तैदी से इस मामले की जांच कर रही है। अब तक आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 80 लाख रुपये से अधिक की नगदी व आभूषण बरामद किए गए हैं।

सत्ता के गलियारों में तनाव और निष्पक्ष जांच की मांग

विपक्ष का आरोप है कि इस घोटाले में बड़े रसूखदार लोग शामिल हैं जिन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों के बावजूद वे अभी भी अयोध्या में ही मौजूद हैं। विपक्ष लगातार भाजपा और आरएसएस (RSS) पर निशाना साधते हुए पूछ रहा है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर हुई इस धांधली के लिए जिम्मेदार कौन है? बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान कि “सच बोलूंगा तो संकट में आ जाऊंगा”, इस बात को और पुख्ता करता है कि इस मामले में अभी कई परतें खुलनी बाकी हैं।

चढ़ावे की सुरक्षा पर संकट

फिलहाल यह प्रकरण एक बड़े राजनीतिक तूफान में बदल चुका है। जहां एक ओर पुलिस आरोपियों की अवैध संपत्ति और बैंक रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर आम रामभक्तों की आस्था अब सवालों के कटघरे में है। मंदिर प्रशासन की संदिग्ध भूमिका और वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी ने श्रद्धालुओं के भरोसे को डगमगा दिया है। बृजभूषण शरण सिंह के इस नए ‘खुलासे’ ने न केवल सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं, बल्कि निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को और भी तीव्र कर दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच एजेंसियां इस खेल के ‘असली खिलाड़ियों’ को बेनकाब कर पाएंगी।