UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे चर्चित और बेबाक चेहरों में शुमार कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय बाद अपने गृह जनपद गोंडा लौटे हैं। पिछले पंद्रह दिनों से उनकी रहस्यमयी अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। गोंडा पहुंचते ही उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी और एक ऐसा बयान दिया, जिसने दिल्ली से लेकर लखनऊ तक की सियासत में हलचल मचा दी है।
‘रायता समेटने’ वाले बयान से बढ़ी चर्चा
बताते चले कि, अपनी अनुपस्थिति का कारण बताते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने विवादास्पद अंदाज में कहा कि साल 2023 में कुछ विश्व चैंपियन पहलवानों ने जो “बड़ा रायता फैलाया था”, वे पिछले पंद्रह दिनों से उसे समेटने और साफ करने में व्यस्त थे। उनका स्पष्ट इशारा दिल्ली में हुए पहलवानों के उस हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन की ओर था, जिसमें उन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। ज्ञात हो कि पूर्व कुश्ती महासंघ अध्यक्ष के खिलाफ चल रहे यौन शोषण के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई अंतिम चरण में है और नवंबर तक फैसले की उम्मीद है।
PM मोदी के 12 साल के सफल कार्यकाल की जमकर की सराहना
पहलवानों के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाने के साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के ऐतिहासिक कार्यकाल की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार के मुखिया के रूप में पीएम मोदी का लगातार बारह वर्षों का सफल सफर एक बेमिसाल और अद्भुत रिकॉर्ड है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को बधाई देते हुए इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
हमेशा अपने तीखे बयानों से विपक्ष को घेरने वाले बृजभूषण शरण सिंह ने इस बार कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर फिर निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब तक संसद में राहुल गांधी जैसे नेता मौजूद हैं, तब तक भाजपा की सत्ता पर कोई खतरा नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी दोहराया कि राहुल गांधी का राजनीतिक आचरण ऐसा है कि वे कभी देश के प्रधानमंत्री पद तक नहीं पहुँच सकते।
राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल
बृजभूषण शरण सिंह के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब वे खुद एक गंभीर कानूनी लड़ाई का सामना कर रहे हैं। उनके इस ताजा रुख ने न केवल उनके विरोधियों को एक बार फिर सक्रिय कर दिया है, बल्कि भाजपा की अंदरूनी राजनीति में भी उनके कद और प्रभाव को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं। बहरहाल, उनके इन बयानों का भविष्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा।










