Bihar Vidhan Parishad: बिहार विधान परिषद में हंगामा, विपक्ष पर भड़के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

बिहार विधान परिषद में आज उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी सदस्यों के सवालों पर भड़क उठे। विपक्ष द्वारा उठाए गए ज्वलंत मुद्दों के बीच सीएम ने जिस कड़े लहजे में जवाब दिया, उसने सदन का पारा बढ़ा दिया। क्या यह गुस्सा आने वाले विधानसभा चुनावों की आहट है?

Bihar Vidhan Parishad

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 9, 2026

Bihar Vidhan Parishad: पटना में बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को सियासी माहौल अचानक गर्म हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी दलों के शोरगुल से खासे नाराज़ नजर आए। सदन में लगातार नारेबाजी और व्यवधान के कारण कार्यवाही प्रभावित हो रही थी, जिससे मुख्यमंत्री अपना आपा खो बैठे और विपक्ष पर तीखे शब्दों में हमला बोला। इस पूरे घटनाक्रम ने सदन की गरिमा और राजनीतिक शिष्टाचार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

विपक्ष की नारेबाजी से भड़के मुख्यमंत्री

कार्यवाही के दौरान विपक्षी विधान पार्षदों की ओर से लगातार नारे लगाए जा रहे थे। आरोप है कि जानबूझकर सदन की प्रक्रिया में बाधा डाली जा रही थी। इसी शोरगुल के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हुए और विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे। उन्होंने कहा कि केवल हंगामा करना ही विपक्ष का काम रह गया है और विकास से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

विपक्षी पार्षदों पर सीधा हमला

मुख्यमंत्री ने विपक्षी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे कार्यकाल में राज्य के लिए क्या किया, यह बताने की जरूरत है। नीतीश कुमार ने आरोप लगाया कि विपक्ष के लोग सिर्फ शोर मचाने में विश्वास रखते हैं और रचनात्मक चर्चा से बचते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने विकास के लिए उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, न कि बेवजह के हंगामे के लिए।

राबड़ी देवी पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए विवादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि जब उनके पति लालू प्रसाद यादव पद से हटे, तब राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया गया। नीतीश कुमार के इस बयान को विपक्ष ने अपमानजनक और असंवैधानिक करार दिया। सदन में मौजूद विपक्षी सदस्यों ने इस टिप्पणी का जोरदार विरोध किया।

15 साल के शासन पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विपक्षी दलों ने अपने 15 साल के शासनकाल में राज्य के लिए कुछ खास नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि उनके नेतृत्व में सरकार बनने के बाद बिहार में विकास की रफ्तार बदली और बुनियादी ढांचे, शिक्षा व कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ। नीतीश कुमार ने कहा कि पहले राज्य की स्थिति क्या थी और अब कितनी बदली है, यह जनता अच्छी तरह जानती है।

गुस्से में दिखे नीतीश कुमार

पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी आक्रामक और नाराज़ दिखाई दिए। उनकी आवाज़ और शब्दों से साफ झलक रहा था कि वह विपक्ष के रवैये से बेहद असंतुष्ट हैं। सदन में कुछ समय के लिए माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि कार्यवाही को संभालना मुश्किल हो गया।

सियासी बयानबाजी से गरमाई राजनीति

इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है। विपक्ष ने मुख्यमंत्री के बयान की निंदा करते हुए माफी की मांग की है, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे विपक्ष के उकसावे का नतीजा बता रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।