Modi Cabinet Meeting: देश में बनेंगे 100 नए स्मार्ट इंडस्ट्रियल शहर, कैबिनेट का बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (BHAVYA) को मंजूरी दी है। 33,660 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना के तहत देश में 100 नए 'प्लग एंड प्ले' औद्योगिक शहर विकसित किए जाएंगे। साथ ही, बाराबंकी-बहराइच हाईवे और FCRA संशोधन बिल को भी मंजूरी मिली है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 18, 2026

Modi Cabinet Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 18 मार्च 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भारत के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के भविष्य को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। सरकार ने देश में विनिर्माण (Manufacturing) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ (BHAVYA) समेत बुनियादी ढांचे और पारदर्शिता से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है।

BHAVYA योजना: 100 नए औद्योगिक क्लस्टर्स

कैबिनेट ने बजट में घोषित भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस महायोजना पर 33,660 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत देश भर में 100 बड़े औद्योगिक शहरों का विकास किया जाएगा। इन शहरों की सबसे बड़ी खासियत इनका ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल होगा, जहाँ सड़क, बिजली और पानी जैसी तमाम बुनियादी सुविधाएं पहले से तैयार मिलेंगी। यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी, जिससे भारत में निर्मित सामान दुनिया के बाजारों पर कब्जा कर सके।

MSMEs को मजबूती और युवाओं के लिए नौकरियों की बौछार

BHAVYA मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत को उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है। इस योजना के जरिए न केवल नए औद्योगिक क्षेत्र तैयार होंगे, बल्कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को आगे बढ़ने के लिए विशेष सहायता और सस्ता कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा उत्पादन से देश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हों। इन प्रोजेक्ट्स का चयन ‘चैलेंज मोड’ में किया जाएगा, जिसमें पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों, ग्रीन एनर्जी और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

किसानों को बड़ी राहत

कृषि क्षेत्र को संबल देने के लिए कैबिनेट ने कपास सीजन 2023-24 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कार्यों पर हुए 1718 करोड़ रुपये के खर्च की प्रतिपूर्ति को मंजूरी दी है। यह कदम कपास उत्पादकों के हितों की रक्षा करने और उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए उठाया गया है। यह राशि राज्य सरकारों और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के माध्यम से किए गए खरीद कार्यों के लिए आवंटित की गई है।

बाराबंकी-बहराइच 4-लेन हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को रफ्तार देते हुए कैबिनेट ने बाराबंकी से बहराइच (101.515 किमी) तक 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाइवे-927 के निर्माण को मंजूरी दी है। 6969.04 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हाईवे ‘हाइब्रिड वार्षिकी मोड’ पर तैयार किया जाएगा। इससे न केवल अवध और तराई क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

FCRA संशोधन बिल

देश की आंतरिक सुरक्षा और वित्तीय शुचिता को ध्यान में रखते हुए, कैबिनेट ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन बिल को भी हरी झंडी दिखा दी है। इस संशोधन का प्राथमिक लक्ष्य गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को मिलने वाली विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता लाना है। नए नियमों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विदेशी धन का उपयोग केवल उन्हीं उद्देश्यों के लिए हो जिनके लिए उसे प्राप्त किया गया है, जिससे जवाबदेही और अधिक पुख्ता होगी।