Bengaluru News: शर्मनाक! बेंगलुरु के प्रोफेसर ने छात्र को बोला ‘आतंकी’, वीडियो वायरल होते ही एक्शन

बेंगलुरु की PES यूनिवर्सिटी में एक प्रोफेसर द्वारा मुस्लिम छात्र को 'आतंकवादी' कहने का मामला तूल पकड़ रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद NSUI और अन्य संगठनों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया है और आंतरिक जांच शुरू कर दी है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 28, 2026

Bengaluru News: बेंगलुरु के प्रतिष्ठित पीईएस (PES) विश्वविद्यालय से एक बेहद चौंकाने वाला और विचलित करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां के एक प्रोफेसर पर अपनी कक्षा के दौरान एक मुस्लिम छात्र के प्रति सांप्रदायिक टिप्पणी करने और उसे ‘आतंकवादी’ कहकर संबोधित करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

कक्षा में छात्र के साथ प्रोफेसर की बदसलूकी

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, यह घटना 24 मार्च की बताई जा रही है, जब प्रोफेसर मुरलीधर देशपांडे अपनी कक्षा ले रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब एक छात्र ने कक्षा से बाहर जाने की अनुमति मांगी। इस साधारण सी बात पर प्रोफेसर अपना आपा खो बैठे और छात्र पर भड़क गए। गुस्से में उन्होंने छात्र के धर्म को निशाना बनाते हुए उसे ‘आतंकी’ कह दिया। क्लास में मौजूद अन्य छात्रों ने इस अपमानजनक व्यवहार को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रोफेसर किस तरह छात्र पर चिल्ला रहे हैं और मर्यादित भाषा की सीमाएं लांघ रहे हैं।

NSUI और छात्र संगठनों का भारी विरोध

जैसे ही इस दुर्व्यवहार का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, छात्रों और नागरिक समाज में भारी आक्रोश फैल गया। कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से मुलाकात कर आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। NSUI ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे ताकि शैक्षणिक माहौल को दूषित करने वाले ऐसे तत्वों को कड़ा सबक मिल सके। सोशल मीडिया यूजर्स ने भी यूनिवर्सिटी प्रशासन से आरोपी प्रोफेसर को बर्खास्त करने की मांग की है।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आंतरिक जांच समिति का गठन

मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते दबाव को देखते हुए पीईएस विश्वविद्यालय के चांसलर जवाहर दोरेस्वामी ने त्वरित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पुष्टि की है कि आरोपी प्रोफेसर मुरलीधर देशपांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। विश्वविद्यालय ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने के लिए एक आंतरिक जांच समिति (Internal Committee) का गठन किया है। चांसलर ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर और कक्षाओं में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच की जा रही है और तकनीकी टीम वीडियो की सत्यता की पुष्टि कर रही है।

दोषी पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कदम उठाने का आश्वासन

संस्थान ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी प्रकार के भेदभाव या सांप्रदायिक द्वेष को बर्दाश्त नहीं करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद, यदि प्रोफेसर दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना ने बेंगलुरु के शैक्षणिक गलियारों में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है और लोग निष्पक्ष न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।