Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बहुत बड़ी और अप्रत्याशित हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दल ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बड़े आंतरिक संकट और संगठनात्मक टूट की गंभीर आशंका पैदा हो गई है, जिसने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए आज का दिन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
कोलकाता स्थित राज्य विधानसभा परिसर से आ रही शुरुआती खबरों के अनुसार, पार्टी के दो वरिष्ठ और कद्दावर बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा अचानक एक साथ विधानसभा पहुंचे हैं। इन दोनों नेताओं के इस औचक कदम और उनके तीखे तेवरों ने इस बात के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि टीएमसी के भीतर अंदरूनी कलह अब पूरी तरह से सतह पर आ चुकी है और पार्टी एक बड़े विभाजन की कगार पर खड़ी है।
बागियों का बड़ा दावा: खुद को बताया असली टीएमसी
विधानसभा परिसर में मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों के सामने टीएमसी के इन बागी विधायकों ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। दोनों ही असंतुष्ट विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने खुद को वास्तविक और असली तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधि घोषित कर दिया है। उन्होंने आधिकारिक तौर पर यह दावा किया है कि उनके इस नए गुट को टीएमसी के कम से कम 59 मौजूदा विधायकों का लिखित समर्थन प्राप्त है और उन सभी के हस्ताक्षर उनके पास मौजूद हैं।
बागी नेताओं का कहना है कि यह संख्या केवल शुरुआत है और पार्टी के कई अन्य असंतुष्ट विधायक भी धीरे-धीरे अपनी मर्जी से विधानसभा पहुंच रहे हैं। यदि इन नेताओं का यह दावा पूरी तरह सच साबित होता है, तो राज्य की वर्तमान ममता बनर्जी सरकार के स्थायित्व और बहुमत पर एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
भाजपा नेता तपस रॉय का सोशल मीडिया पोस्ट
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री तपस रॉय के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने जलती हुई आग में घी डालने का काम किया है। तपस रॉय द्वारा अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल पर किए गए एक पोस्ट ने राज्य की राजनीतिक चर्चाओं को एक बिल्कुल नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने अपने इस सार्वजनिक पोस्ट में बेहद स्पष्ट शब्दों में दावा किया है कि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में इस समय बहुत बड़ी टूट चल रही है। उन्होंने आगे चेतावनी भरे लहजे में लिखा कि बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति बहुत जल्द महाराष्ट्र जैसी बन सकती है, जहां रातों-रात सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल गया था और मूल पार्टी दो फाड़ हो गई थी।
ऋतब्रत बनर्जी के संपर्क में पचास से अधिक विधायक
भाजपा नेता तपस रॉय ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कुछ और भी महत्वपूर्ण कूटनीतिक खुलासे किए हैं। उन्होंने दावा किया कि बगावत की कमान संभाल रहे प्रमुख नेता ऋतब्रत बनर्जी के सीधे और निरंतर संपर्क में इस समय तृणमूल कांग्रेस के कम से कम 50 से अधिक विधायक बने हुए हैं, जो किसी भी समय बड़ा फैसला ले सकते हैं।
अपने इस राजनीतिक आकलन को साझा करते हुए तपस रॉय ने टीएमसी के ही सबसे चर्चित और ऐतिहासिक चुनावी नारे ‘खेला होबे’ (खेल होगा) का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने अब तक केवल चुनावी नारे सुने थे, लेकिन अब उन्हें धरातल पर वास्तविक और बड़ा राजनीतिक खेल देखने को मिलने वाला है। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस के खेमे में हड़कंप मचा हुआ है और पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं।
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