Bengal Madrasa New Rule : पश्चिम बंगाल के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बहुत बड़ा और युगांतरकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य की नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के सभी मदरसों में कक्षाओं के संचालन से ठीक पहले होने वाली सुबह की प्रार्थना सभा (प्रेयर) में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है। सरकार के अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में एक आधिकारिक और लिखित दिशा-निर्देश भी जारी कर दिया गया है। इस नए सरकारी आदेश के बाद अब राज्य के सभी मदरसों को दशकों से चले आ रहे अपने पुराने नियमों और स्थापित तौर-तरीकों को बदलते हुए इस नवीन व्यवस्था का कड़ाई से पालन करना होगा।
सभी श्रेणियों के मदरसों पर समान रूप से लागू होगी नीति
मदरसा शिक्षा विभाग के डायरेक्टर द्वारा जारी किए गए विस्तृत आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पूर्व में जारी किए गए सभी तरह के पुराने नियमों, परंपराओं और प्रार्थना के तौर-तरीकों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। पश्चिम बंगाल माइनॉरिटी अफेयर्स और मदरसा एजुकेशन डिपार्टमेंट के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षण संस्थानों पर यह नियम समान रूप से लागू होगा। सरकार की इस नई नीति के दायरे में राज्य के हाई-टेक सरकारी मॉडल मदरसे (इंग्लिश मीडियम) से लेकर सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त मदरसे, सरकार द्वारा मंजूर किए गए एमएसकेएस (MSKS), एसएसकेएस (SSKS) और मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त (प्राइवेट) मदरसे भी शामिल होंगे।

स्कूलों में राष्ट्रगीत अनिवार्य करने के बाद अब मदरसा शिक्षा प्रणाली में बड़ा सुधार
उल्लेखनीय है कि मदरसों को लेकर लिया गया यह बड़ा फैसला सरकार की एक व्यापक शिक्षा नीति का हिस्सा है। इससे पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने इसी महीने 14 मई 2026 को स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य करने का बड़ा कदम उठाया था। उस समय शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना में साफ तौर पर कहा गया था कि राज्य के सभी स्कूलों में मुख्य कक्षाएं शुरू होने से पहले आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा के दौरान छात्रों और शिक्षकों द्वारा राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया जाना बेहद जरूरी है।
राष्ट्रवादी विचारधारा को बढ़ावा देने की कोशिश, संस्था प्रमुखों को सख्त निर्देश जारी
स्कूलों में इस राष्ट्रवादी नीति को सफलतापूर्वक लागू करने के बाद, अब अधिकारी सरकार ने इसी वैचारिक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए इसे मदरसा शिक्षा प्रणाली में भी पूर्ण रूप से विस्तारित कर दिया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से सभी समुदायों के छात्रों में राष्ट्र के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना सुदृढ़ होगी। नए प्रशासनिक आदेश में राज्य के सभी मदरसा प्रशासकों, प्रबंधकों और संस्था प्रमुखों (प्रिंसिपल्स) को कड़े लहजे में निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने परिसरों में इस आदेश का जमीनी स्तर पर अक्षरशः और सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। किसी भी स्तर पर इस नियम के उल्लंघन को प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा।
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