Baramati Byelection 2026 : पवार परिवार के गढ़ में कांग्रेस की एंट्री, आकाश मोरे बिगाड़ेंगे सुनेत्रा का खेल?

पवारों के गढ़ में घमासान! बारामती उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने आकाश मोरे के नाम का ऐलान कर सबको चौंका दिया है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के लिए यह राह आसान नहीं होने वाली। क्या कांग्रेस की यह एंट्री शरद पवार गुट के मौन समर्थन का हिस्सा है या कोई नई रणनीति?

Baramati Byelection 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 5, 2026

Baramati Byelection 2026 : महाराष्ट्र की हाई-प्रोफाइल बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। इस बीच कांग्रेस ने आकाश मोरे को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर सबको चौंका दिया है। सत्ताधारी महायुति गठबंधन की ओर से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार मैदान में हैं। पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि दिवंगत नेता अजित पवार के सम्मान में यह चुनाव निर्विरोध हो सकता है और कांग्रेस को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख दलों ने इस पर सहमति भी जताई थी। हालांकि, कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी उतारने के फैसले ने यह साफ कर दिया है कि बारामती की जनता को अब एक कड़े चुनावी मुकाबले का गवाह बनना पड़ेगा।

सुनेत्रा पवार का शक्ति प्रदर्शन: मुख्यमंत्री और दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में नामांकन

उपचुनाव के लिए महायुति की उम्मीदवार और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार 6 अप्रैल को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। इस अवसर को एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता सुनेत्रा पवार के साथ मौजूद रहेंगे। अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को न केवल राजनीति में सक्रिय किया गया, बल्कि उन्हें राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाकर पार्टी ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का जिम्मा सौंपा है।

अजित पवार का अभेद्य किला: क्या विरासत बचा पाएंगी सुनेत्रा?

बारामती विधानसभा सीट दशकों से एनसीपी और विशेष रूप से दिवंगत नेता अजित पवार का मजबूत गढ़ रही है। अजित पवार यहां से रिकॉर्ड आठ बार विधायक चुने गए थे, जिससे इस सीट का राजनीतिक महत्व काफी बढ़ जाता है। उनके निधन से खाली हुई इस सीट पर कब्जा बरकरार रखना सुनेत्रा पवार के लिए एक बड़ी प्रतिष्ठा की लड़ाई है। दूसरी ओर, कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे को उतारकर विपक्षी गठबंधन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे अजित पवार के इस किले में सेंध लगाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दोनों पक्षों के बीच अब रणनीतिक युद्ध शुरू हो चुका है।

उपचुनाव का पूरा शेड्यूल: 23 अप्रैल को मतदान और 4 मई को नतीजे

भारत निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च 2026 को महाराष्ट्र की दो महत्वपूर्ण सीटों—राहुरी और बारामती—पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। राहुरी सीट भाजपा विधायक शिवाजी कर्डीले के निधन से खाली हुई है, जबकि बारामती सीट अजित पवार के असामयिक निधन के कारण रिक्त हुई है। इन दोनों सीटों पर 23 अप्रैल 2026 को मतदान होगा। मतदान के बाद वोटों की गिनती और चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई 2026 को की जाएगी। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

विमान हादसे का काला दिन: अजित पवार के निधन से उपजा संकट

बारामती में यह राजनीतिक शून्यता एक दुखद हादसे के कारण पैदा हुई। 28 जनवरी 2026 को एक दर्दनाक विमान हादसे में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ एनसीपी नेता अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया था। उनके निधन के बाद उत्पन्न हुई सहानुभूति की लहर के बीच सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई। अब यह उपचुनाव तय करेगा कि बारामती की जनता अजित पवार की विरासत को उनकी पत्नी के हाथों में सौंपती है या कांग्रेस के युवा नेतृत्व को मौका देती है।

Read more:  हरियाणा में कर्मचारियों का दबाव बढ़ा, OPS और भत्तों को लेकर सरकार से करेंगे मांग