Bankipur Bypoll: तेज प्रताप यादव का बड़ा दांव, प्रशांत किशोर को समर्थन; तेजस्वी पर बढ़ा दबाव

बिहार की राजनीति में बांकीपुर उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। तेज प्रताप यादव ने प्रशांत किशोर को समर्थन देकर नया सियासी दांव चला है। इस फैसले के बाद तेजस्वी यादव और आरजेडी की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। आखिर इस समर्थन का चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा?

Bankipur Bypoll

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 25, 2026

Bankipur Bypoll: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव इस बार राज्य की सबसे चर्चित चुनावी लड़ाइयों में शामिल हो गया है। इस सीट पर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुके हैं। यह सीट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई है। अब इस सीट पर होने वाला उपचुनाव केवल एक विधानसभा चुनाव नहीं, बल्कि कई राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा से भी जुड़ गया है। खास बात यह है कि चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर भी इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला और अधिक रोचक हो गया है।

प्रशांत किशोर को मिला तेज प्रताप यादव का समर्थन

उपचुनाव के बीच जन जागरण दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने प्रशांत किशोर को खुला समर्थन देकर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि जैसे ही उन्होंने प्रशांत किशोर को समर्थन देने की घोषणा की, उसी समय बारिश शुरू हो गई। तेज प्रताप ने इसे भगवान का संकेत बताते हुए कहा कि यह इस बात का प्रतीक है कि ईश्वर भी चाहते हैं कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को योग्य और सही प्रतिनिधि मिले। उनके इस बयान ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।

RJD उम्मीदवार से भी की प्रशांत किशोर का समर्थन करने की अपील

तेज प्रताप यादव ने केवल प्रशांत किशोर के समर्थन का ऐलान ही नहीं किया, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता से भी अपील की कि वे प्रशांत किशोर का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि यदि सभी का उद्देश्य बेहतर नेतृत्व चुनना है, तो व्यक्तिगत और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सही उम्मीदवार का साथ देना चाहिए। उनके इस बयान को विपक्षी राजनीति के भीतर बदलते समीकरणों के रूप में भी देखा जा रहा है।

बांकीपुर सीट को माना जाता है भाजपा का मजबूत गढ़

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत राजनीतिक आधार मानी जाती रही है। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पहले नितिन नवीन करते थे, जबकि उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी इसी सीट से विधायक रह चुके हैं। ऐसे में भाजपा के लिए इस सीट को बरकरार रखना प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। पार्टी ने इस उपचुनाव में नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो भाजपा की इस परंपरागत सीट को बचाने की कोशिश करेंगे।

JJD उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने से बदले समीकरण

इस उपचुनाव में जन जागरण दल की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द हो जाने के बाद राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट संकेत दिया कि उनका उद्देश्य भाजपा को हराना और ऐसे उम्मीदवार को समर्थन देना है जिसे वे उपयुक्त मानते हैं। इसी कारण उन्होंने प्रशांत किशोर के पक्ष में खुलकर समर्थन का ऐलान किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय संघर्ष से अलग दिशा दे सकता है।

30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई 2026 को मतदान कराया जाएगा। इसके बाद 3 अगस्त 2026 को मतगणना होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजनीतिक दल भी अंतिम चरण के प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

तेजस्वी यादव की रणनीति पर पड़ सकता है असर

तेज प्रताप यादव के इस फैसले का असर उनके छोटे भाई और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव की चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है। तेजस्वी यादव अपनी पार्टी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को जीत दिलाने के लिए लगातार प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में तेज प्रताप का प्रशांत किशोर के समर्थन में उतरना विपक्षी वोटों के बंटवारे और चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। दोनों भाइयों की अलग-अलग राजनीतिक राहें इस चुनाव को और अधिक दिलचस्प बना रही हैं।

प्रशांत किशोर की चुनौती और भाजपा की साख दांव पर

इस उपचुनाव में एक ओर भाजपा अपनी परंपरागत सीट बचाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशांत किशोर अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता साबित करने के इरादे से मैदान में हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेज प्रताप यादव के समर्थन से प्रशांत किशोर को कुछ अतिरिक्त राजनीतिक लाभ मिल सकता है। हालांकि अंतिम फैसला मतदाताओं के हाथ में होगा। अब सभी की निगाहें 30 जुलाई के मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि बांकीपुर की जनता किसे अपना नया प्रतिनिधि चुनती है।

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