Nayeem Hasan Assault : बांग्लादेशी क्रिकेटर नईम हसन के साथ पुलिस ने की मारपीट, तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड

बांग्लादेश के स्टार टेस्ट स्पिनर नईम हसन को रात के अंधेरे में पुलिस ने बीच सड़क पर रोककर क्यों बेरहमी से पीटा? खुद को नेशनल क्रिकेटर बताने के बावजूद उनका गला दबाकर थाने ले जाने के पीछे आखिर क्या बड़ी साजिश थी? जानिए इस सनसनीखेज वारदात की पूरी खौफनाक इनसाइड स्टोरी!

Nayeem Hasan Assault

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 14, 2026

Nayeem Hasan Assault :  बांग्लादेश क्रिकेट जगत इस समय खेल के मैदान से दूर एक बेहद शर्मनाक और बड़े विवाद को लेकर देश-दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। बांग्लादेश के राष्ट्रीय स्पिनर नईम हसन के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज, बदसलूकी और मारपीट किए जाने के गंभीर मामले ने पूरे देश में भारी हंगामा खड़ा कर दिया है। यह विवाद इस कदर बढ़ गया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस खुद कटघरे में आ गई और आनन-फानन में तीन दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया। इसके साथ ही, पूरे घटनाक्रम की बारीकी से निष्पक्ष जांच करने के लिए प्रशासन द्वारा एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन कर दिया गया है।

देर रात ढाका से चटगांव लौटते वक्त रास्ते में हुआ यह पूरा वाकया

प्राप्त रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना 12 जून, 2026 की देर रात चटगांव के लालखान बाजार इलाके में घटित हुई। क्रिकेटर नईम हसन ढाका एयरपोर्ट पर उतरने के बाद एक सीएनजी (CNG) ऑटो-रिक्शा में सवार होकर अपने घर वापस लौट रहे थे। इस घटना से ठीक पहले वह ढाका प्रीमियर डिवीजन क्रिकेट लीग में भाग लेने के लिए अपनी घरेलू टीम ‘प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब’ के साथ मौजूद थे। हालांकि, लीग के उस विशेष मैच के दौरान उन्हें अंतिम एकादश (प्लेइंग इलेवन) में खेलने का मौका नहीं मिला था, जिसके बाद वह अपने गृहनगर वापस आ रहे थे।

पुलिसकर्मियों ने जबरन पकड़ा गला

पीड़ित खिलाड़ी नईम हसन का आरोप है कि जब उनका ऑटो-रिक्शा लालखान बाजार क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी वहां तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें जांच के नाम पर जबरन रोक लिया। नईम ने बताया कि पुलिसकर्मी शुरुआत से ही बेहद आक्रामक और हिंसक व्यवहार कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने बिना किसी ठोस वजह के उनका गला पकड़ा, उनके साथ धक्का-मुक्की की और जबरदस्ती एक दूसरे ऑटो में बैठाकर उन्हें थाने ले जाने का प्रयास करने लगे। इस दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव करते हुए पुलिस को बार-बार बताया कि नईम कोई आम नागरिक नहीं बल्कि बांग्लादेश के नेशनल क्रिकेटर हैं, लेकिन वर्दी के नशे में चूर पुलिसकर्मियों ने किसी की एक न सुनी। काफी हंगामे के बाद 13 जून की तड़के नईम को छोड़ा गया।

पूरे बांग्लादेश में फूटा जनआक्रोश

इस शर्मनाक घटना की खबर जैसे ही मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए आम जनता तक पहुंची, पूरे बांग्लादेश के खेल प्रेमियों में पुलिस के प्रति भारी नाराजगी और आक्रोश फैल गया। मामले को तूल पकड़ता देख चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया। पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद शफीकुल इस्लाम भुइयां, कांस्टेबल मोहम्मद रासेल चौधरी और उनके साथ मौजूद एक अन्य पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से नौकरी से सस्पेंड कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के कमिश्नर शौकत अली खुद नईम हसन के पैतृक घर पहुंचे। उन्होंने खिलाड़ी और उनके दुखी परिवार से मुलाकात कर इस घटना पर गहरा खेद जताया।

दोषियों को मिलेगी सख्त से सख्त सजा

पुलिस कमिश्नर शौकत अली ने नईम के परिवार को आश्वस्त करते हुए कहा कि नवगठित जांच कमेटी की विस्तृत रिपोर्ट सामने आते ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी रूप से सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने भी दबी जुबान में यह स्वीकार किया है कि शुरुआती जांच के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिसकर्मियों ने तय नियमों और सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय खिलाड़ी को हर हाल में न्याय मिलेगा। दूसरी तरफ, नईम हसन ने बाद में मीडिया से भावुक बातचीत में कहा कि उस खौफनाक मंजर के दौरान वह बुरी तरह डर गए थे। उन्होंने कहा कि अगर मौके पर स्थानीय प्रशंसक और समर्थक मौजूद नहीं होते, तो पुलिस उनके साथ कुछ भी अनहोनी कर सकती थी।

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