Badrinath Temple Controversy: बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी केस में जांच तेज, रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले में पुलिस की जांच अब मंदिर के अति-सुरक्षित 'कुबेर खजाने' तक पहुंच गई है।

Badrinath Temple Controversy

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 23, 2026

Badrinath Temple Controversy: विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी और चोरी का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। इस पूरे विवाद की परतें खोलने के लिए पुलिस की जांच टीम अब सीधे मंदिर के ‘कुबेर के खजाने’ तक पहुंच गई है। बुधवार को धाम में चढ़ावे की होने वाली नियमित गणना के साथ-साथ पुलिस की विशेष टीम ने कुबेर के खजाने में सुरक्षित रखी गई सभी बहुमूल्य वस्तुओं और ऐतिहासिक अभिलेखों (दस्तावेजों) का गहन सत्यापन शुरू कर दिया है। पूरे दिन विशेषज्ञ चार्टर्ड अकाउंटेंट और लेखाकारों की टीम खजाने से संबंधित हर एक छोटे-बड़े रिकॉर्ड का बारीकी से मिलान करने में जुटी रही।

Haryana News: हरियाणा एसीबी का बड़ा अभियान शुरू, भ्रष्टाचार के आरोपों में 140 कर्मचारी निगरानी में

खजाने में वस्तुओं का मिलान और पुलिस का बड़ा बयान

इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और इस विशेष जांच टीम के पर्यवेक्षक मदन सिंह बिष्ट ने मामले पर आधिकारिक जानकारी साझा की है।

जांच के दायरे और अब तक की प्रगति को लेकर पुलिस ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें बताई हैं:

दस्तावेजों के आधार पर वेरिफिकेशन: कुबेर के खजाने के भीतर जितनी भी कीमती धातुएं, आभूषण और दान में मिली बहुमूल्य वस्तुएं रखी गई हैं, उन सभी का मिलान मंदिर के मूल सरकारी अभिलेखों और रजिस्टरों से किया जा रहा है।

अब तक की स्थिति: डीएसपी मदन सिंह बिष्ट के मुताबिक, अब तक की शुरुआती जांच में राहत की बात यह है कि जिन-जिन वस्तुओं का विवरण मंदिर के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज था, वे सभी वस्तुएं खजाने के भीतर सुरक्षित पाई गई हैं।

सूक्ष्म परीक्षण जारी: पुलिस का कहना है कि जांच का दायरा काफी बड़ा है, इसलिए खजाने के हर एक पन्ने और दान के प्रत्येक रिकॉर्ड का बेहद सूक्ष्म व वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के संशय की गुंजाइश न रहे।

मंदिर समिति का कड़ा रुख

चढ़ावा चोरी के इस बड़े विवाद के सामने आने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) भी पूरी तरह सतर्क और एक्शन मोड में नजर आ रही है। मंदिर समिति के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर समिति द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:

कार्यालयों का औचक निरीक्षण: सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बदरीनाथ मंदिर परिसर और मुख्य क्षेत्र के अलावा मंदिर समिति के अंतर्गत आने वाले सभी प्रशासनिक पटलों (विभागों) का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभारियों को रिकॉर्ड दुरुस्त रखने की सख्त हिदायत दी है।

जांच में पूर्ण सहयोग का भरोसा: मंदिर समिति के सीईओ ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन इस पूरे मामले में पुलिस की जांच टीम को हर संभव और शत-प्रतिशत सहयोग प्रदान कर रहा है। मंदिर की साख और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह मामला होने के कारण समिति चाहती है कि सच जल्द से जल्द सामने आए।

इस गहन जांच और लेखाकारों की पड़ताल के बाद यह साफ हो पाएगा कि नियमित चढ़ावे में हुई हेराफेरी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसके पीछे किन तत्वों का हाथ है। फिलहाल, कुबेर के खजाने की सुरक्षा और ऑडिट पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

Haryana News: हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, बेसिक पे में होगा बड़ा बदलाव