Badrinath Dham Theft Case: बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद आरोपी प्रमोद नौटियाल जेल भेजा गया

बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को चार दिन की कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद वापस जेल भेज दिया गया है। एसआईटी ने उसके ठिकानों से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि गढ़वाल कमिश्नर की जांच समिति प्रभारी मंदिर अधिकारी समेत चार कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।

बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच और कार्रवाई जारी

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 1, 2026

Badrinath Dham Theft Case: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण के मामले में चार दिन की कस्टडी रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मुख्य आरोपी एवं व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को पुनः जेल भेज दिया है। पुलिस रिमांड के इस दौरान आरोपी को उसके बदरीनाथ और देहरादून में स्थित विभिन्न ठिकानों पर ले जाया गया था, जहां से जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।

एसआईटी की पूछताछ और सबूत

बीती 28 जुलाई के दिन एसआईटी ने आरोपी नौटियाल को चार दिनों की रिमांड पर अपने कब्जे में लिया था और उससे गहन पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की थी। अधिकारियों द्वारा यह जानकारी साझा की गई है कि इस पूछताछ और सघन तलाशी अभियान के दौरान आरोपी के पास से कई ठोस सबूत जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं। इन्हीं पुख्ता सबूतों को आधार बनाकर एसआईटी अब अपनी आगे की कानूनी छानबीन को आगे बढ़ा रही है।

अन्य लोग भी जांच के दायरे में

इस पूरे सनसनीखेज मामले में अब कुछ अन्य संदिग्ध लोग भी जांच एजेंसियों के रडार और दायरे में आ चुके हैं। एसआईटी के प्रभारी एवं डीएसपी मदन सिंह बिष्ट ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार के दिन आरोपी नौटियाल को संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिसके पश्चात अदालत के आदेश पर उसे वापस जेल भेज दिया गया।

प्रभारी मंदिर अधिकारी और अन्य से पूछताछ

दूसरी ओर, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति बदरीनाथ धाम के वर्तमान प्रभारी मंदिर अधिकारी के साथ-साथ तीन अन्य कर्मचारियों से भी लगातार पूछताछ कर रही है। इस जांच के जरिए घटना से जुड़ी हर एक कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

दानपात्र खुलवाने से जुड़ा घटनाक्रम

सूत्रों के अनुसार, इसी प्रभारी मंदिर अधिकारी ने बीती 2 जुलाई को गणना स्थल पर दानपात्रों को खुलवाया था। वह तत्कालीन मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान के गत 30 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद से ही प्रभारी मंदिर अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जिसको लेकर भी जांच की जा रही है।